फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Congress Rift: Dotasra Calls Vishvendra Singh ‘Elder Brother’, Then Party Issues Show-Cause Notice

राजस्थान: विश्वेंद्र सिंह के पास सिर्फ 7 दिन...नोटिस के बाद बढ़ा टकराव, क्या कांग्रेस में थमेगा विवाद?

Sat, 03 Oct 2026 06:45 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sat, 03 Oct 2026 06:45 AM IST
सार

राजस्थान कांग्रेस में विश्वेंद्र सिंह के ‘अलविदा’ और फिर इस्तीफा न देने के बयान के बाद विवाद बढ़ गया। पार्टी ने कारण बताओ नोटिस देकर सात दिन में जवाब मांगा है।

विज्ञापन
Rajasthan Congress Rift: Dotasra Calls Vishvendra Singh ‘Elder Brother’, Then Party Issues Show-Cause Notice
विश्वेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 पंचायत चुनाव की घोषणा से पहले राजस्थान कांग्रेस में चल रहा अंदरूनी विवाद अब अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।

विज्ञापन

दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को ही पीसीसी मुख्यालय में डोटासरा ने विश्वेंद्र सिंह को अपना बड़ा भाई बताते हुए संयमित रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि विश्वेंद्र सिंह वरिष्ठ नेता हैं और उनकी भावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके कुछ घंटे बाद अनुशासन समिति की ओर से नोटिस जारी होने से विवाद ने नया मोड़ ले लिया।

विज्ञापन

सात दिन में जवाब, निलंबन की चेतावनी

प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना की ओर से जारी नोटिस में विश्वेंद्र सिंह से पूछा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित क्यों नहीं किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

नोटिस में आरोप लगाया गया है कि विश्वेंद्र सिंह लंबे समय से पार्टी के कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं। जिला कांग्रेस नेतृत्व से संपर्क के बावजूद संगठनात्मक गतिविधियों में सहयोग नहीं करने का भी आरोप लगाया गया है।

यह भी पढें- राजस्थान पॉलिटिक्स: ‘अलविदा’ कहकर फिर क्यों पलटे विश्वेंद्र सिंह? कांग्रेस नोटिस थमाने की तैयारी में

निकाय चुनाव में भूमिका पर भी सवाल

कांग्रेस ने हालिया निकाय चुनावों में विश्वेंद्र सिंह की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। नोटिस के अनुसार उन्होंने प्रत्याशी चयन और चुनाव प्रचार में जिला कांग्रेस संगठन के उम्मीदवारों का सहयोग नहीं किया।
भरतपुर नगर निगम के सभापति चुनाव का मामला भी नोटिस में उठाया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी समर्थित प्रत्याशी ने विश्वेंद्र सिंह के कहने पर नाम वापस लिया, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुआ। यह पार्टी का आरोप है; विश्वेंद्र सिंह ने इस मामले में अपना अलग पक्ष रखा है।

डोटासरा और जिलाध्यक्षों पर बयानबाजी का जिक्र

नोटिस में विश्वेंद्र सिंह की ओर से भरतपुर और डीग के जिला कांग्रेस अध्यक्षों की कार्यशैली पर सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाने का भी उल्लेख है। कांग्रेस ने कहा है कि संगठन से जुड़ी शिकायतों को पार्टी के उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ दिए गए बयानों को भी नोटिस में अनुशासनहीनता के तौर पर दर्ज किया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ऐसे बयानों से पार्टी की छवि प्रभावित होती है और वे भाजपा के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले हैं। यह भी पार्टी की ओर से लगाया गया आरोप है।

विश्वेंद्र का जवाब- आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र, मैं राजनीतिक भविष्य के लिए

नोटिस जारी होने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। उन्होंने उदयलाल आंजना को संबोधित करते हुए कहा कि वे पहले यह तय करें कि नोटिस का जवाब दें या डोटासरा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दें, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें अपना बड़ा भाई बताया है।


विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि “आप अपनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं और मैं अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि वे हमेशा मर्यादा और अनुशासन में रहे हैं और उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है।

'अलविदा' के बाद बदला था घटनाक्रम

विश्वेंद्र सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस को 'अलविदा' कहने के संकेत दिए थे। इसके बाद उनके कांग्रेस से अलग होने और भाजपा में जाने को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं। हालांकि, उन्होंने बाद में स्पष्ट किया था कि उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया है और पार्टी में बने रहेंगे।
अब कारण बताओ नोटिस के बाद मामला एक नए चरण में पहुंच गया है। विश्वेंद्र सिंह के जवाब के बाद कांग्रेस अनुशासन समिति आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed