Rising Rajasthan: शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान को दी सौगात, बोले- पीएम आवास योजना में मिलेंगे 3.41 लाख आवास
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान में गरीब और किसानों के लिए पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3.41 लाख आवासों के निर्माण की घोषणा की। इस परियोजना पर 4,099 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट समिट में मंगलवार को शामिल हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान को लेकर बड़ा एलान किया। उन्होंने काह कि राजस्थान में गरीब और किसान के लिए पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत 3 लाख 41 हजार 620 आवासों का निर्माण करेगा। इस पर लगभग 4 हजार 99 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण के तहत 3 लाख 41 हजार 620 पक्के मकान बनाए जाएंगे।
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आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में जनकल्याण के कार्यों में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। pic.twitter.com/magZxlQHgY— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) December 10, 2024
केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केन्द्रीय ग्रामीण विकास विभाग राजस्थान में गरीब और किसान के लिए पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत 3 लाख 41 हजार 620 आवासों का निर्माण करेगा। इस पर लगभग 4 हजार 99 करोड़ रुपये का व्यय होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नए राजस्थान के उदय के लिए काम कर रहे हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इंन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से कृषि क्षेत्र में विशेषकर फूड प्रोसेंसिग में भारी निवेश आ सकेगा।
चौहान मंगलवार को जेईसीसी में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के अंतर्गत आयोजित 'एग्री बिजनेस इनोवेशन्स मूविंग अप द वैल्यू चेन' सेक्टोरल सेशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की पूजा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम भारत को फूड बास्केट ऑफ वर्ल्ड बनाने का काम कर रहे हैं, जिससे भारत विश्व का पेट भर सकेगा।
चौहान ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए विभाग ने 6 सूत्री रणनीति बनाई है। कृषि क्षेत्र में उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हमने 109 नए बीजों की किस्म तैयार की है। इसमें बाजरा और धान की फसलें भी शामिल हैं, जिनका कम समय में ज्यादा उत्पादन किया जा सकेगा। उन्होंने पीकेसी-ईआरसीपी एकीकृत परियोजना का जिक्र करते हुए इसे मध्यप्रदेश और राजस्थान के किसानों के लिए वरदान बताया।