फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajsthan CM Race: Why did BJP choose the Defense Minister in Rajasthan observer team?

Rajsthan CM Race: राजस्थान के पर्यवेक्षक दल में आखिर रक्षामंत्री को ही क्यों चुना भाजपा ने?

Sat, 09 Dec 2023 01:17 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Sat, 09 Dec 2023 01:17 PM IST
सार

Why Rajnath in Rajsthan: देश के तीन बड़े राज्यों में जीत का परचम लहरा चुकी भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करने से पूर्व पर्यवेक्षकों के दल मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान भेजे हैं। जो कि 10 दिसंबर को विधायक दल की बैठक के बाद CM Face पर चर्चा करेंगे। रक्षामंत्री  राजनाथसिंह को पर्यवेक्षक दल में शामिल करने के पीछे आलाकमान की क्या सोच रही, ये विचारणीय है।

विज्ञापन
Rajsthan CM Race: Why did BJP choose the  Defense Minister in Rajasthan observer team?
रक्षामंत्री राजनाथसिंह एवं वसुंधरा राजे - फोटो : साेशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत राजस्थान में बड़े अंतर से जीत दर्ज करा चुकी भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा से पूर्व पर्यवेक्षकों के दल तीनों राज्यों में भेजे हैं। जो 10 दिसंबर को विधायक दल की बैठक के बाद CM Face पर चर्चा करेंगे। रक्षामंत्री राजनाथसिंह को पर्यवेक्षक दल में शामिल करने के पीछे आलाकमान की क्या सोच रही, ये एक विचारणीय तथ्य है।

विज्ञापन


राजस्थान भेजे गए तीनों पर्यवेक्षकों में रक्षामंत्री राजनाथसिंह का नाम विशेष तौर पर सोचनीय है।  माना जा रहा है कि राजनाथसिंह राजनीति के खेल में पुराने खिलाड़ी हैं और जातीय समीकरणों को साधने में माहिर हैं। साथ ही यहाँ के कद्दावर नेताओं के बीच सम्माननीय चेहरा हैं। जानकार यह भी मानते हैं कि राजस्थान की राजनीति में राजनाथ की गहरी पकड़ है।
विज्ञापन


माना जा रहा है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राजनाथ ही हैं जो किसी भी प्रकार के गतिरोध को अपने अनुभव से साध सकते हैं। ज्ञात रहे कि पर्यवेक्षक दल में शामिल राजनाथ सबसे वरिष्ठ हैं जबकि सरोज पांडे और विनोद तावड़े क्रमश: छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बड़े नेता माने जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




सियासी जानकारों का मानना है कि राजस्थान की राजनीति में राजनाथसिंह की पकड़ काफी मजबूत है और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल सभी दावेदारों के साथ उनके मधुर संबंध हैं। विधानसभा चुनाव का प्रचार करने राजस्थान आए राजनाथ ने तब भी वसुंधरा राजे के कार्यकाल की जमकर तारीफ की थी।

वैसे भी राजनाथ भाजपा का सबसे सौम्य चेहरा माने जाते हैं और भाजपा अध्यक्ष पद के कार्यकाल के दौरान वसुंधरा को साधने सफल रहे थे। इसलिए किसी भी अनपेक्षित गतिरोध को दूर करने में वे तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed