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ग्रीन कॉरिडोर से दिल्ली पहुंचीं किडनियां, SMS अस्पताल में हुआ लीवर ट्रांसप्लांट; मौत के बाद भी जिंदा ओमप्रकाश
Sat, 09 May 2026 11:15 AM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 11:15 AM IST
सार
Jaipur: जयपुर के एसएमएस अस्पताल में राजस्थान का 83वां कैडेवर अंगदान हुआ। सड़क हादसे में ब्रेन डेड घोषित किए गए ओमप्रकाश सोनी के परिजनों ने उनकी दोनों किडनी और लीवर दान करने का निर्णय लिया, जिससे तीन मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।
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ओमप्रकाश सोनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में अंगदान को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में प्रदेश का 83वां कैडेवर अंगदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अंगदान ने तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की उम्मीद जगाई है।
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सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए थे ओमप्रकाश
वाटिका ग्राम निवासी 44 वर्षीय ओमप्रकाश सोनी 3 मई 2026 को मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें पहले महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बाद में सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने लगातार उनका उपचार किया, लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 7 मई को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
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परिजनों ने लिया संवेदनशील निर्णय
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि एसएमएस अस्पताल के अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश भास्कर, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर टीम और मोहन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। इसके बाद ओमप्रकाश की पत्नी सीमा सोनी और उनके भाई महेंद्र सोनी ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए उनकी दोनों किडनी और लीवर दान करने की सहमति दी।
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ग्रीन कॉरिडोर से दिल्ली भेजी गईं किडनियां
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल ने बताया कि दान की गई दोनों किडनियों को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से Institute of Liver and Biliary Sciences भेजा गया, जहां उनका प्रत्यारोपण किया जाएगा। वहीं लीवर का प्रत्यारोपण सवाई मानसिंह अस्पताल में किया गया।
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राजस्थान में बढ़ रहा अंगदान का दायरा
राज्य में अब तक 83 कैडेवर अंगदान के जरिए 291 अंग एवं ऊतक दान किए जा चुके हैं। इनमें 154 किडनी, 71 लीवर, 35 हार्ट, 9 फेफड़े, 2 हार्ट वाल्व, 2 पैंक्रियास और 18 कॉर्निया शामिल हैं। अकेले एसएमएस अस्पताल में अब तक 36 कैडेवर अंगदान सफलतापूर्वक हो चुके हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशवासियों से मृत्यु उपरांत अंगदान का संकल्प लेने और जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने की अपील की है।
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