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Rajasthan Weather: फसल पर पड़ी मौसम की मार, लगातार बढ़ते तापमान से उपज कमजोर होने का खतरा, IMD ने दी चेतावनी
Thu, 13 Feb 2025 08:42 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 13 Feb 2025 08:42 AM IST
सार
प्रदेश के मौसम में आई अचानक गर्मी की मार रबी की फसलों पर पड़ती नजर आ रही है। प्रदेश में इस वक्त सामान्य से 3 से 8 डिग्री अधिक तापमान है, जो फसलों के पकने में दिक्कत कर सकता है।
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रबी की फसल पर खतरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मौसम की बार-बार बदलती स्थिति किसानों के लिए चिंता पैदा कर रही है। प्रदेश में रबी की फसल पर मौसम की मार का असर नजर आने लगा है। अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 28 से 33 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। जो कि सामान्य से 3 से 8 डिग्री तक अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 6 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापमान की यह स्थिति रबी की फसलों को पकने के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है।
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लगातार उच्च तापमान की वजह से रबी की फसलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे बीजों का आकार छोटा रह सकता है, जिससे उपज पर भी असर आने की आशंका बढ़ रही है। खास तौर पर गेहूं, जौ और मसाला से जुड़ी फसलों में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इससे साथ ही समय से पहले तापमान में हुए इस इजाफे के कारण फसलों में कीड़े लगने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
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गौरतलब है कि राजस्थान में इस सीजन में 1 करोड़ 11 लाख 80 हजार 806 हैक्टेयर में रबी की फसल की बुआई की गई है। इनमें सबसे ज्यादा बुआई गेहूं की हुई है। गेहूं की फसल 31 लाख 48 हजार 396 हैक्टेयर में बोई गई है। यानी लगभग 30 प्रतिशत बुआई गेहूं की गई है। यदि मौसम से बचाव हुआ तो लगभग 1 करोड़ 21 लाख टन गेहूं की पैदावार होनी चाहिए।
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इसके अलावा 6 लाख 41 हजार हैक्टेयर में ज्वार, 43 लाख 52 हजार हैक्टेयर में बाजारा, 9 लाख 70 हजार हैक्टेयर में मक्का की फसल लगाई गई है। इनके अलावा तिलहन में 33 लाख 81 हजार हैक्टेयर में सरसों की बुआई की गई है। गौरतलब है कि सरसों के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले नंबर पर आता है। यदि यहां सरसों का उत्पादन प्रभावित होता है तो इसका असर पूरे देश पर पड़ना तय है।
फल-सब्जी पर नहीं होगा असर
इस हीट स्ट्रोक को लेकर कृषि विज्ञानियों का कहना है कि इसका असर फल और सब्जियों पर नहीं होगा लेकिन सबसे ज्यादा असर गेहूं और सरसों पर ही देखने को मिल सकता है क्योंकि ये दोनों फसलें इस वक्त पकाई की स्थिति में आने वाली हैं।
24 घंटों में मिल सकती है राहत
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कुछ राहत मिलने की बात कही है। विभाग का कहना है कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। वहीं 15 से 17 फरवरी तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल भी छाए रह सकते हैं।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के तापमान की स्थिति की बात करें तो राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 22 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 3 से 8 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तामपान 6 से 15 डिग्री के बीच रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं निम्नतम न्यूनतम तापमान करौली में 6.1 डिग्री रहा।