फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Voter List Revision SIR Special Intensive Revision Electoral Roll Election Commission News in Hindi

SIR: बिहार के बाद अब राजस्थान में भी मतदाता सूची का होगा एसआईआर, निर्वाचन विभाग ने तैयारियां शुरू कीं

Wed, 16 Jul 2025 09:11 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 16 Jul 2025 09:11 AM IST
सार

Rajasthan: बिहार के बाद अब राजस्थान में भी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन विभाग ने इसे लेकर संभाग स्तर पर बैठकें बुला लीं हैं।

विज्ञापन
Rajasthan Voter List Revision SIR  Special Intensive Revision Electoral Roll Election Commission News in Hindi
निर्वाचन आयोग - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

राजस्थान में लगभग 23 साल बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए राज्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बीकानेर और अजमेर संभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। महाजन ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक हेल्प डेस्क स्थापित की जाएंगी। इन हेल्प डेस्क पर नियुक्त कर्मचारियों को एसआईआर के सभी दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी दी जाएगी ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

विज्ञापन

बीएलओ और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण
राज्य निर्वाचन अधिकारी ने संभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ), सूचना सहायकों, पर्यवेक्षकों आदि की समय रहते नियुक्ति की जाए और उन्हें जरूरी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इसके अलावा स्वयंसेवकों का चयन शीघ्र कर उन्हें भी एसआईआर से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से वंचित न रहे, इसके लिए रैंडम चेकिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। महाजन ने अधिकारियों को इसके लिए विशेष निरीक्षण दल गठित करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

राजनीतिक दलों से समन्वय
महाजन ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से समन्वय स्थापित कर बूथ लेवल एजेंट्स की शीघ्र नियुक्ति करवाई जाए। इसके साथ ही पोलिंग स्टेशनों का रेशनलाइजेशन मतदाताओं की संख्या, दूरी, पहुंच और मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम की जानकारी आम मतदाताओं तक सरल व प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए व्यापक IEC गतिविधियों का आयोजन किया जाए।



पढ़ें:  सांसद राजकुमार रोत ने भील प्रदेश की कर डाली मांग, सियासत में उबाल; BJP के मंत्री बोले- मांग बेकार

क्या होता है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
राजस्थान में अंतिम बार विशेष गहन पुनरीक्षण 2002 में किया गया था। इस बार पुराने रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2002 तक के मतदाता सूची के आधार पर ही नया एसआईआर होगा। यानी 2002 के बाद प्रदेश में जितने भी नए मतदाता जुड़े हैं, उन्हें फिर से दस्तावेजों के साथ अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाना होगा। इसके लिए बीएलओ घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करेंगे।

बिहार में 86% फॉर्म एकत्रित
उल्लेखनीय है कि बिहार में भी एसआईआर कार्यक्रम चल रहा है। वहां अब तक करीब 86.32% एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्रित किए जा चुके हैं। शेष पात्र मतदाताओं को ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करने के लिए तीसरे दौर के घर-घर दौरे जल्द शुरू होंगे। इसके लिए लगभग एक लाख बीएलओ फील्ड में सक्रिय रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed