स्कूल व्याख्याता भर्ती पेपर लीक: आरोपी शिक्षक श्रवण विश्नोई गिरफ्तार, 7 लाख में खरीदा था पेपर
स्कूल व्याख्याता (अर्थशास्त्र) भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में एसओजी ने बालोतरा निवासी श्रवण कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। जांच के मुताबिक, श्रवण ने पेपर लीक माफिया से सात लाख रुपये में अर्थशास्त्र का लीक पेपर खरीदा और अपने दोस्त गोपाल को परीक्षा से पहले पढ़वाया, जिसके बाद उसका स्कूल व्याख्याता पद पर चयन हुआ।
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भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रहे विशेष जांच समूह (एसओजी) ने स्कूल व्याख्याता (अर्थशास्त्र) भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में आरोपी श्रवण कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि श्रवण ने पहले अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर द्वितीय श्रेणी शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। इसके बाद उसने पेपर लीक माफिया से सात लाख रुपये में सौदा किया और अपने दोस्त गोपाल को लीक पेपर पढ़वाकर स्कूल व्याख्याता बनवा दिया। डमी अभ्यर्थी के जरिए नौकरी हासिल करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग आरोपी शिक्षक को पहले ही निलंबित कर चुका है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने कार्रवाई की जानकारी दी है।
सात लाख रुपये में खरीदा था लीक पेपर
जांच के अनुसार, बालोतरा जिले के नेड़ी नाडी निवासी श्रवण कुमार विश्नोई ने वर्ष 2022 में हुई स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा में अपने दोस्त गोपाल के लिए अर्थशास्त्र का लीक पेपर खरीदा था। इसके लिए उसने पेपर लीक माफिया से सात लाख रुपये में सौदा किया था। पेपर हासिल करने के बाद श्रवण ने अपने ही गांव के रहने वाले गोपाल को अपने घर बुलाया। परीक्षा से पहले उसने गोपाल को दोनों दिनों के लीक पेपर पढ़वाए। एसओजी के अनुसार, इसी लीक पेपर की मदद से गोपाल का स्कूल व्याख्याता (अर्थशास्त्र) के पद पर चयन हो गया।
एसओजी ने जांच के दौरान गोपाल को पहले गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में श्रवण विश्नोई की भूमिका सामने आई। इसके बाद एसओजी ने श्रवण को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरपीएससी के तत्कालीन सदस्य पर पेपर लीक करने का आरोप
स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा अक्तूबर 2022 में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से आयोजित की गई थी। जांच में सामने आया कि आयोग के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा ने अन्य विषयों के साथ अर्थशास्त्र का पेपर भी लीक किया था। जांच के मुताबिक, कटारा ने लीक पेपर शेरसिंह उर्फ अनिल मीणा को दिया था। इसके बाद यह पेपर परीक्षा से पहले सुरेश ढाका और भूपेंद्र सारण के गिरोह तक पहुंचा। गिरोह से जुड़े लोगों ने जोधपुर सहित कई जगहों पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को लीक पेपर पढ़वाया था। एसओजी के अनुसार, इसी नेटवर्क के जरिए श्रवण विश्नोई को भी अर्थशास्त्र का लीक पेपर मिला था। उसने इसके लिए सात लाख रुपये का भुगतान किया था।
डमी अभ्यर्थी बैठाकर पहले हासिल की थी शिक्षक की नौकरी
जांच में श्रवण विश्नोई की भूमिका केवल पेपर लीक मामले तक ही सीमित नहीं बताई गई है। आरोपी ने इससे पहले अपनी जगह डमी अभ्यर्थी बैठाकर द्वितीय श्रेणी शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। श्रवण बालोतरा के कुम्हारों का तला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान विषय का द्वितीय श्रेणी शिक्षक था। डमी अभ्यर्थी के जरिए परीक्षा पास कर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने उसे पहले ही निलंबित कर दिया था। इस मामले में अब एसओजी ने स्कूल व्याख्याता भर्ती-2022 के पेपर लीक से जुड़ी उसकी भूमिका को लेकर गिरफ्तारी की है।
चार दिन के रिमांड पर श्रवण, नेटवर्क को लेकर पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद एसओजी ने श्रवण कुमार विश्नोई को अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को चार दिन के रिमांड पर भेज दिया है। एसओजी अब उससे पेपर लीक नेटवर्क, लीक पेपर की खरीद और उसके जरिए अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाने को लेकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ में पेपर लीक गिरोह के नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लीक पेपर कितने लोगों तक पहुंचा और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।