Rajasthan News: राजस्थान में आबकारी विभाग का बड़ा पुनर्गठन, ‘आबकारी प्रवर्तन एवं निरोधक बल’ के गठन को मंजूरी
राजस्थान सरकार ने आबकारी विभाग के व्यापक पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए राज्यभर में आबकारी प्रवर्तन एवं निरोधक बल के गठन का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत 8 जोन, 53 उपआयुक्त कार्यालय और 286 कनिष्ठ आबकारी अधिकारी कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
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राजस्थान सरकार ने आबकारी विभाग के ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए राज्यभर में एकीकृत ‘आबकारी प्रवर्तन एवं निरोधक बल’ (Excise Enforcement and Prevention Force) के गठन को मंजूरी दे दी है। वित्त (आबकारी) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर विभाग की प्रशासनिक संरचना के व्यापक पुनर्गठन की घोषणा की है।
आदेश के अनुसार वर्तमान में संचालित जिला आबकारी अधिकारी, वृत्त निरीक्षक कार्यालयों तथा निरोधक शाखा के कई कार्यालयों का पुनर्संरचना कर नई व्यवस्था लागू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य अवैध शराब, तस्करी और आबकारी कानूनों के उल्लंघन पर अधिक प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
नई व्यवस्था के तहत राज्य को 8 जोन में विभाजित किया जाएगा, जहां अतिरिक्त आयुक्त स्तर के कार्यालय स्थापित होंगे। इनके अधीन 53 उपआयुक्त/आबकारी अधिकारी कार्यालय कार्य करेंगे। इसके अलावा 286 कनिष्ठ आबकारी अधिकारी कार्यालय भी गठित किए जाएंगे।
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अवैध शराब की गतिविधियों पर निगरानी मजबूत करने के लिए जयपुर और उदयपुर में दो राज्य स्तरीय उपआयुक्त (प्रवर्तन) कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। वहीं जयपुर और जोधपुर में विधिक मामलों के लिए अलग उपआयुक्त (विधि) कार्यालय भी बनाए जाएंगे।
सरकार का दावा है कि इस नई संरचना से प्रवर्तन तंत्र अधिक सशक्त होगा और अवैध शराब के निर्माण, परिवहन तथा बिक्री के खिलाफ कार्रवाई तेज हो सकेगी। नए ढांचे में विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों और कर्मचारियों का पदस्थापन भी पुनर्गठित किया जाएगा।
राज्य सरकार ने यह कदम बजट घोषणा की अनुपालना में उठाया है। माना जा रहा है कि आबकारी विभाग में यह पिछले कई वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक पुनर्गठन है, जिससे राजस्व संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।