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Rajasthan: राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त अभियान, पहले ही दिन 4869 वाहनों पर कार्रवाई
Sat, 06 Jun 2026 01:55 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:55 PM IST
सार
राजस्थान पुलिस ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया है, जो 30 जून 2026 तक चलेगा। अभियान के पहले ही दिन 4,869 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जिसमें काली फिल्म, गलत नंबर प्लेट, अवैध मॉडिफिकेशन, हूटर और प्रेशर हॉर्न जैसे उल्लंघन शामिल रहे।
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राजस्थान पुलिस का सड़क सुरक्षा अभियान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से राज्य पुलिस ने विशेष सघन प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। यह अभियान 30 जून 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जा रहा है, जिसके तहत मोटरयान अधिनियम और केंद्रीय मोटरयान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रहा अभियान
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा के पर्यवेक्षण में यह अभियान पूरे राज्य में संचालित किया जा रहा है। अभियान के शुरुआती तीन दिनों में वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया, जबकि चौथे दिन से नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई।
पहले दिन ही हजारों वाहनों पर कार्रवाई
अभियान के पहले ही दिन प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। एडीजी यातायात डॉ. बी.एल. मीणा के अनुसार कुल 4,869 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें सबसे अधिक 2,246 वाहन ऐसे पाए गए जिन पर अवैध काली फिल्म लगी हुई थी। इसके अलावा 1,372 वाहन ऐसे पाए गए जिनकी नंबर प्लेट और पंजीयन चिन्ह नियमों के विपरीत थे।
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अवैध मॉडिफिकेशन और प्रतिबंधित उपकरणों पर भी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान 512 वाहन अवैध संरचनात्मक बदलाव या मॉडिफिकेशन के दोषी पाए गए। वहीं 313 वाहनों पर अनधिकृत शब्द, चिन्ह या स्टिकर लगाए गए थे। 214 वाहनों पर अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट या हूटर का उपयोग पाया गया। इसके अलावा 212 वाहन ऐसे मिले जिनमें प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर खतरा
डॉ. बी.एल. मीणा ने कहा कि वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और अनधिकृत बत्तियों का उपयोग कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इसी कारण राज्य सरकार और पुलिस ने ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है।
जिलों को सख्त निर्देश, पूरे जून चलेगा अभियान
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। जिन जिलों में कार्रवाई कम पाई जाएगी, वहां विशेष निगरानी रखते हुए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पूरे जून माह तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
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वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रहा अभियान
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी.एल. मीणा के पर्यवेक्षण में यह अभियान पूरे राज्य में संचालित किया जा रहा है। अभियान के शुरुआती तीन दिनों में वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया, जबकि चौथे दिन से नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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पहले दिन ही हजारों वाहनों पर कार्रवाई
अभियान के पहले ही दिन प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। एडीजी यातायात डॉ. बी.एल. मीणा के अनुसार कुल 4,869 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें सबसे अधिक 2,246 वाहन ऐसे पाए गए जिन पर अवैध काली फिल्म लगी हुई थी। इसके अलावा 1,372 वाहन ऐसे पाए गए जिनकी नंबर प्लेट और पंजीयन चिन्ह नियमों के विपरीत थे।
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अवैध मॉडिफिकेशन और प्रतिबंधित उपकरणों पर भी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान 512 वाहन अवैध संरचनात्मक बदलाव या मॉडिफिकेशन के दोषी पाए गए। वहीं 313 वाहनों पर अनधिकृत शब्द, चिन्ह या स्टिकर लगाए गए थे। 214 वाहनों पर अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट या हूटर का उपयोग पाया गया। इसके अलावा 212 वाहन ऐसे मिले जिनमें प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा था।
सड़क सुरक्षा पर गंभीर खतरा
डॉ. बी.एल. मीणा ने कहा कि वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और अनधिकृत बत्तियों का उपयोग कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। इसी कारण राज्य सरकार और पुलिस ने ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई है।
जिलों को सख्त निर्देश, पूरे जून चलेगा अभियान
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। जिन जिलों में कार्रवाई कम पाई जाएगी, वहां विशेष निगरानी रखते हुए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पूरे जून माह तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।