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Rajasthan: हेल्प इंडिया संस्थान के संस्थापक को ओडिशा पुलिस ने किया गिरफ्तार, करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप

Wed, 12 Jul 2023 08:04 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 12 Jul 2023 08:04 PM IST
सार

Rajasthan News: हेल्प इंडिया ऑनलाइन संस्थान के फाउंडर जगदीश पारीक जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार हुए हैं। ओडिशा पुलिस पारीक को गिरफ्तार कर कटक ले जा रही है। जगदीश पर पांच साल में 20 से ज्यादा ऑफिस बदलकर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप है।

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Rajasthan Orissa police arrested founder of Help India Institute accused of cheating crores of rupees
फाउंडर जगदीश पारीक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब पांच साल में 20 से ज्यादा कार्यालय बदलकर, 20 से ज्यादा फर्म और कंपनियां खोलकर, अपने पार्टनरों को धोखा देने और लाखों निवेशकों को फर्जी न्यूरोसाइंस कोच की डिग्रियां, हेलन किलर और रोबो स्मार्ट लैब की फ्रेंचाइजी देकर करोड़ों रुपये ठगने के आरोपी को बुधवार को ओडिशा की कटक पुलिस ने जयपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी को हवाई यात्रा से कटक ले जाया जा रहा है।

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ओडिशा पुलिस की टीम में शामिल आईओ ज्योति साहा ने अमर उजाला को बताया, ओडिशा में दो एफआईआर कटक और भुवनेश्वर में आरोपी हेल्प इंडिया ऑनलाइन संस्थान के फाउंडर जगदीश पारीक के खिलाफ दर्ज हैं। ओडिशा में ही 20 लाख रुपये से ज्यादा ठगी की गई है।  जबकि अलग-अलग राज्यों में देखा जाए तो करोड़ों से ज्यादा रुपयों की ठगी आरोपी ने की है। इसके खिलाफ अनेकों शिकायतें देश के विभिन्न राज्यों के पुलिस थानों में दर्ज हैं। रोबो स्मार्ट लैब की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये की इसने ठगी की है। यह 420 और फ्रॉड करने का मामला है, जिसमें तीन-चार साल से लेकर सात साल तक की सजा और वसूली का प्रावधान है।
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इसके अलावा अन्य तरह की फ्रेंचाइजी, फेक प्रोफाइल ऑक्ट फेक सर्टिफिकेट देकर करोड़ों रुपयों की इसने जालसाजी और ठगी की है। जयपुर की एयरपोर्ट थाना पुलिस से कोआर्डिनेशन के साथ यह कार्रवाई की। इसे गिरफ्तार कर ओडिशा ले जा रहे हैं, जहां कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। फिर चार्जशीट पेश करने और मुकदमे की कार्रवाई चलेगी। ओडिशा पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ सबूत मौजूद हैं।
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आरोपी के खिलाफ परिवाद...
राजधानी जयपुर में शिप्रा पथ, श्यामनगर और चित्रकूट थाने में दर्ज FIR के अलावा देश में अनेकों जगह आरोपी के खिलाफ परिवाद और शिकायतें दर्ज हैं। एक महिला वीनू सिसोदिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पुलिस महानिरीक्षक सहित अधिकारियों को पत्र लिखकर बताया था कि श्यामनगर पुलिस थाने में 29 अक्टूबर 2022 को उन्होंने FIR संख्या 540/22 दर्ज करवाई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच का आग्रह करते हुए लिखा है कि मेरे साथ हुई धोखाधड़ी, फेक सर्टिफिकेट और फेक प्रोफाइल के विषय में और अन्य लोगों के साथ की जा रही लूट के बारे में बताया है।

वीनू सिसोदिया ने लिखा कि जगदीश पारीक नामक व्यक्ति के द्वारा किए गए घोटालों, अवैध नेटवर्किंग व्यवसाय, फर्जी प्रोफाइल और फर्जी सर्टिफिकेट की आड़ में करोड़ों की लूट और फर्जीवाड़े कर चलाए जाने वाली संस्थानों के बारे में पूर्ण सबूत दिए गए हैं। सामाजिक  संस्थानों की आड़ में बड़ी लूट और फर्जी संस्थानों के बारे में भी बताया है। यूपीआई वॉलेट, बैंक खाते खोलना और बंद करना इसका मुख्य कार्य है, इनकी जांच अति आवश्यक है।

क्रिप्टो करेंसी, अवैध नेटवर्किंग व्यवसाय और फर्जी सामाजिक पद का काम का भी आरोप...
सिसोदिया ने लिखा कि ये भी जांच करवाएं कि इनको किसका संरक्षण मिला हुआ है। लगातार इतनी शिकायतों के बाद भी जगदीश पारीक आज भी क्रिप्टो करेंसी, अवैध नेटवर्किंग व्यवसाय, फर्जी सामाजिक पद, अवैध सामाजिक संस्थानों को खोलकर सोशल मीडिया के मार्फत जमकर प्रचार और लूट करता है। DGT, MSME और ILD के साथ फर्जी मानद डॉक्टर डिग्रियों का फर्जीवाड़ा खुले आम आरोपी कर रहा है। इन सभी को इन विभागों ने अपनी वेबसाइटों में डालकर जाली प्रमाण-पत्र घोषित किया है, लेकिन ये नाम बदलकर डिग्रियां आज भी बांट रहा है।

यूनिवर्सिटी का गोल्ड मेडलिस्ट, माई स्कूल इटली का निदेशक...
शिकायत में कहा गया कि जगदीश पारीक अपनी खुदकी प्रोफाइल में अपने आप को यूनिवर्सिटी का गोल्ड मेडलिस्ट, माई स्कूल इटली के निदेशक, 100 बच्चों को जीनियस वर्ल्ड रिकॉर्डधारी बनाना वाला, 16 पुस्तक लिखकर भारत सरकार में लागू करवाने, न्यूरोसाइंस और मेटास्कील का हिमाचल सरकार का रिसर्चर, अमेरिका से पीएचडी सहित अनेकों बड़ी-बड़ी बातें लिख रहा है। उन्होंने शिकायत में कहा था कि साल 2018 में मेरे सहित अन्य को 100 फ्रेंचाइजी देकर आरोपी ने करोड़ों रुपये की लूट की है। उसके बाद इस व्यक्ति की हिम्मत बढ़ती गई। नई फर्म, नया पार्टनर, नई संस्था, नया पद, नया पुरस्कार, नया पद, नया कार्यलय बना-बनाकर लाखों व्यक्तियों को ठग चुका है। 

देश भर के बड़े-बड़े नाम को अपने साथ सोशल मीडिया पर फ़ोटो लगाकर 'भारत को पुनः विश्व गुरु बनाना है' का नारा देकर कभी कॉपरेटिव सोसाइटी में, कभी आई मेमोरी स्कूल फाउंडेशन में, कभी हेलेन किलर की फ्रेंचाइजी के नाम पर, कभी आई ब्रेन रिर्चर सेंटर, कभी सबल भारत, कभी DMIT से ब्रेन का पता करके काउंसलिंग रिपोर्ट देना, कभी हेल्प इंडिया ऑनलाइन फाउंडेशन में मदद, निशुल्क शिक्षा, सिटी हेड के फायदे, हर माह रॉयल्टी स्कीम,  कभी रोबोटिक्स लेब के नाम पर कभी रिटजी स्कूल, कभी अमेज़ॉन की गलेरी, कभी खुद के प्रोडेक्ट की होम गलेरी कभी न्यूरोसाइंस की ट्रेनिंग के नाम पर कभी मानद डॉक्टर डिग्री के नाम पर असंख्य फ़्रॉड वो भी खुले आम वर्तमान डिस्काउंट मार्ट प्राइवेट लिमिटेड के मार्फत क्रिप्टो करेंसी और स्कीमों के जाल फंसाकर देशभर में इसकी खूब ठगी चल रही है। हेल्प इंडिया और स्वयं की प्रोफाइल में बोलकर और लिखकर यह लाखों व्यक्तियों के साथ करोड़ों की लूट कर चुका है। जगदीश पारीक पिछले पांच साल में अब तक 20 कंपनियां या फर्म खोलकर बंद कर चुका है। 15 अपने पार्टनर या निदेशकों को फंसाकर लूट की जा चुकी है और 20 से ज्यादा कार्यालय बदल लिए गए हैं।

मेरी तरह लाखों लोगों को यह ठग चुका है, पुलिस मदद की बजाय सरंक्षण देने जैसा कार्य कर रही है। आए दिन आईपीएस अधिकारियों के साथ, बड़े अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के साथ वह फोटो डालता है। दो लाख 50 हज़ार से ज्यादा न्यूरोसाइंस के सर्टिफिकेट, 1000 से ज्यादा फ्रेंचाइजी और एक लाख से ज्यादा नेटवर्किंग में लोगों को जोड़कर भी यदि इसके द्वारा बांटे गए लाखों प्रमाण पत्र और हज़ारों फ्रेंचाइजी से एक भी व्यक्ति कोई भी लाभ ले रहा है या रोजगार प्राप्त है, तो उस व्यक्ति का पुलिस बयान अवश्य ले।


वीनू सिसोदिया ने बताया कि जयपुर के मानसरोवर इलाके के शिप्रा पथ में जगदीश पारीक के द्वारा ब्लैकमेलिंग के शिकार हो चुके पवन पारीक ने FIR दर्ज करवाई है। इसी तरह की एक चित्रकूट पुलिस थाना में FIR 07-10-22 को 441/22 हो रखी है। वीनू ने लिखा है कि मुझे पहले ही लाखों का नुकसान हो चुका है। कानूनी लड़ाई और कानूनी फीस देने की मेरी क्षमता नहीं है, लेकिन एक पीड़ित महिला की गुहार सुने और इस फ़्रॉड की निष्पक्ष जांच करवाएं। मेरे से ठगे गए रुपये दिलाएं, 100 पेज सबूत के संलग्न भी किए हैं।

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