Rajasthan: डिप्टी सीएम दीया ने ली PWD की समीक्षा बैठक, हादसों में कमी लाने के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर सड़कों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों का निरीक्षण अधिकारी करेंगे, उनकी रिपोर्ट हर सात दिन में प्रस्तुत करनी होगी।
विस्तार
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाने, स्पीड ब्रेकर ठीक करवाने, जेब्रा क्रॉसिंग, साइन बोर्ड सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट कर सड़कों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों का निरीक्षण अधिकारी करेंगे, उनकी रिपोर्ट हर सात दिन में प्रस्तुत करनी होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निरीक्षण की गई सड़कों की गुणवत्ता खराब पाई गई तो निरीक्षण करने वाले अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कार्बन फुटप्रिंट कम करने पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए सड़क निर्माण में पर्यावरण हितैषी सामग्री का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने बायो बिटुमिन का उपयोग कर एक सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
डीपीआर निर्माण सेंट्रलाइज्ड हो, ताकि प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बजट घोषणाओं सहित अन्य योजनाओं के तहत बनने वाले पुल, सड़क आदि की डीपीआर बनाने का कार्य सेंट्रलाइज्ड किया जाए, ताकि प्रोजेक्ट्स को समय पर शुरू कर उन्हें तय अवधि में पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि अक्सर स्थानीय स्तर पर डीपीआर बनाने में देरी के कारण काम समय पर शुरू नहीं हो पाते हैं और जनता को इसका लाभ तय समय पर नहीं मिलता।
अभियान के दौरान दुर्घटनाएं कम करने के लिए किए जाएंगे ये कार्य
- सड़क पर दृश्यता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क के शोल्डर्स की जंगल क्लियरेंस का कार्य।
- सड़क भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई।
- अनधिकृत मीडियन कट को बंद करना।
- रोड साइनेज व लेन मार्किंग का कार्य प्राथमिकता से पूरा करना।
- जंक्शनों पर कैट्स आई लगाने और रंबल स्ट्रिप्स का निर्माण।
- घुमंतू जानवरों की रोकथाम के लिए स्थानीय निकाय से समन्वय कर उन्हें सड़क से दूर करना।
- एनजीओ या रक्षा मित्र के साथ मिलकर जानवरों के लिए कॉलर रिफ्लेक्टर लगाने का काम।
- सड़क मीडियन पर लगे पेड़ों की ऊंचाई को निश्चित स्तर पर छंटाई करवाना।
बारिश से खराब सड़कों की मरम्मत के लिए 965 करोड़ स्वीकृत
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थाई मरम्मत के लिए 964.43 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस राशि से प्रदेश में बारिश से क्षतिग्रस्त लगभग 2328 कार्यों की स्थाई मरम्मत करवाई जाएगी।
समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी
उपमुख्यमंत्री ने नॉन पेचेबल, पेचेबल सड़कों, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान राज्य मंत्री डॉ. मजू बाघमार, प्रमुख शासन सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी.आर. मेघवाल, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव टी.सी. गुप्ता सहित सभी मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधीक्षण अभियंता उपस्थित रहे।