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Rajasthan News: एक और फैसला बदलने जा रही भजनलाल सरकार, गहलोत की इस योजना को खत्म करने की तैयारी

Thu, 28 Nov 2024 06:01 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 28 Nov 2024 06:01 PM IST
सार

प्रदेश की भजनलाल सरकार ने पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की एक और बड़ी योजना को बंद करने की तैयारी कर ली है। शहरों में 15 हजार लीटर तक फ्री पानी देने की गहलोत सरकार की योजना पर ब्रेक लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है।

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Rajasthan News: Bhajanlal government is preparing to change another decision of Gehlot government
15 हजार लीटर तक फ्री पानी योजना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश की भजनलाल सरकार शहरों में पानी महंगा करने का प्रस्ताव तैयार कर चुकी है। इसके लिए पिछली गहलोत सरकार में शहरों में 15 हजार लीटर तक फ्री पानी देने की योजना को खत्म करने के लिए प्रस्ताव उच्च स्तर पर भिजवाया जा चुका है। अब मुख्यमंत्री स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही जलदाय विभाग फ्री पानी स्कीम बंद करेगा। 

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गौरतलब है कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने 2019 के बजट में शहरों में 15 हजार लीटर तक फ्री पानी देने की स्कीम लागू की थी। हालांकि यह 15 हजार लीटर फ्री पानी का फायदा उन्हीं कनेक्शन पर मिल रहा है, जिनके मीटर चालू हैं, जिनके मीटर बंद हैं, उन्हें इसका फायदा नहीं मिल रहा है।
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50 प्रतिशत मीटर बंद, दरें बढ़ाने से पहले मीटर चालू करने के अभियान का सुझाव
जलदाय विभाग के अफसरों ने यह भी सुझाव दिया है कि पानी की दरें बढ़ाने से पहले सभी कनेक्शनों पर मीटर चालू करने का अभियान चलाना चाहिए। आधे मीटर बंद होने पर दरें बढ़ाई तो विभाग को  फायदा नहीं होगा। घरेलू कनेक्शनों के 50 प्रतिशत मीटर ही चालू बताए जा रहे हैं। वहीं, आधे कनेक्शनों के मीटर ही बंद हैं। इसके कारण विभाग को नुकसान हो रहा है। मीटर बंद होने की वजह से यह पता ही नहीं लग पाता कि किसने कितना पानी काम लिया है।
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पानी की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव को मंजूरी का इंतजार
जलदाय विभाग अब वाटर चार्ज से लेकर स्थायी शुल्क और सीवरेज चार्ज तक में बढ़ोतरी करना चाहता है। छह साल से बढ़ोतरी नहीं होने के कारण विभाग ने अब पुराना पैटर्न फिर से लागू करने का सुझाव  दिया है। पानी की दरों में होने वाली बढ़ोतरी का पैटर्न अब तय नहीं हुआ है। वाटर चार्ज, सीवरेज चार्ज के अलावा दूसरे चार्ज में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।

15 हजार लीटर तक वाटर चार्ज नहीं, लेकिन स्थायी शुल्क और मीटर सर्विस फीस
जलदाय विभाग घरेलू उपभोक्ताओं से अप्रैल 2019 से  हर महीने 15 हजार लीटर तक पानी पर वाटर चार्ज नहीं ले रहा है। पहले 8 हजार लीटर तक प्रति हजार लीटर पर 1.72 रुपये और 8 से 15 हजार लीटर पर प्रति हजार 2.20 रुपये वाटर चार्ज वसूलता था। 15 हजार लीटर तक पानी काम लेने वाले उपभोक्ताओं से हर महीने 55 रुपये का वाटर चार्ज और 18.15 रुपये का सीवरेज चार्ज भी नहीं देना होता। 

15 हजार लीटर से ज्यादा इस्तेमाल पर प्रति एक हजार लीटर पानी पर 4.40 रुपये से 5.50 रुपये तक चार्ज 
15 हजार लीटर से 30 हजार लीटर तक पानी उपभोग करने वालों से अभी 4.40 रुपये प्रति हजार लीटर का चार्ज लगता है। 30 हजार लीटर से ज्यादा पानी काम लेने पर प्रति हजार लीर 5.50 रुपये देने होते हैं।


अखिरी बार वसुंधरा सरकार ने बढ़ाई थीं दरें
प्रदेश में पिछले 6 साल से पानी की दरें नहीं बढ़ी हैं। पानी की दरों में 2018 के बाद बढ़ोतरी नहीं हुई है। वसुंधरा राजे सरकार के समय 2018 में आखिरी बार दरें बढ़ी थीं। जलदाय विभाग में साल 2015 से ही हर साल अपने आप 10 फीसदी दरें बढ़ने के प्रावधान था। इस प्रावधान को 2019 में गहलोत सरकार ने बदल दिया था। 

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