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Rajasthan News: आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को इलाज के लिए पुणे भेजा, 11 साल बाद जेल से बाहर आया

Tue, 27 Aug 2024 10:49 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Tue, 27 Aug 2024 10:49 PM IST
सार

जोधपुर के केंद्रीय कारागृह में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को मंगलवार को इलाज के लिए पुणे भेज दिया गया। राजस्थान उच्च न्यायालय ने दो सप्ताह पहले महाराष्ट्र के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में बापू के इलाज की अनुमति दी थी।
 

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Rajasthan News: Asaram sent to Pune for treatment, came out of jail after 11 years
राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नाबालिग से बलात्कार के आरोप में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू को मंगलवार को इलाज के लिए पुणे भेजा गया। राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा बापू को इलाज कराने की अनुमति देने के दो सप्ताह बाद आज उन्हें पुणे के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में भेज दिया गया।

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पुलिस ने बताया कि सितंबर 2013 में गिरफ्तार किए गए आसाराम (83) का हृदय संबंधी बीमारी के लिए पुणे के माधवबाग अस्पताल में सात दिनों तक उपचार किया जाएगा। दोपहर  2:20 बजे इंडिगो की उड़ान से मुंबई के लिए रवाना हुए आसाराम बापू के साथ जोधपुर के पुलिस अधिकारी और दो अटेंडेंट भी थे। पहले उनके एयर एंबुलेंस से रवाना होने की खबर थी।
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SHO (हवाई अड्डा पुलिस स्टेशन) हनुमान सिंह ने कहा कि आसाराम के प्रस्थान को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डे पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को आसाराम को पुलिस हिरासत में महाराष्ट्र के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में सात दिनों तक इलाज कराने की अनुमति दी थी। साथ ही पैरोल देते समय हाईकोर्ट ने कुछ शर्तें रखी थीं, जिसमें यह भी शामिल था कि उनके साथ चार पुलिसकर्मी यात्रा करेंगे, उन्हें अपने साथ दो परिचारक रखने की भी अनुमति थी। उन्हें पुणे में एक निजी कॉटेज में रखा जाएगा और इलाज का पूरा खर्च और आने-जाने के साथ-साथ पुलिस व्यवस्था में होने वाला खर्च भी उन्हें ही वहन करना होगा।
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1 सितंबर, 2013 को उनकी गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार है कि अदालत ने उनकी कोई प्रार्थना स्वीकार की है। स्वास्थ्य के आधार पर सजा निलंबित करने की आसाराम की याचिका को पहले उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

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