RJ LS Election: होम वोटिंग के लिए रिकॉर्ड 76,636 पंजीकरण, 58,954 बुजुर्ग और 17,682 दिव्यांग घर से करेंगे मतदान
राजस्थान में होम वोटिंग के लिए रिकॉर्ड 76 हजार 636 पंजीकरण हुआ है। 58 हजार 954 बुजुर्ग और 17 हजार 682 दिव्यांग घर से मतदान करेंगे।
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राजस्थान में होम वोटिंग के लिए प्रथम चरण में 36 हजार से अधिक फॉर्म स्वीकृत हुए हैं, जिसका मतदान पांच अप्रैल से होगा। वहीं, द्वितीय चरण के लिए 40 हजार से अधिक फॉर्म पंजीकरण हुए हैं, जिसका मतदान 14 अप्रैल से होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव 2024 के तहत होम वोटिंग के रिकॉर्ड पंजीकरण किए गए हैं। सभी 25 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 76 हजार 636 पात्र मतदाताओं ने घर से मतदान करने का विकल्प चुना है। इसमें 58 हजार 954 बुजुर्ग और 17 हजार 682 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं। गुप्ता ने बताया कि होम वोटिंग की सुविधा विकल्प के रूप में है। लोकसभा चुनाव के लिए होम वोटिंग की सुविधा ऐसे मतदाताओं को मिलती है, जो 85 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों हों या 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता श्रेणी के विशेष योग्यजन हों। बूथ लेवल अधिकारी द्वारा घर-घर जाकर होम वोटिंग की सुविधा के लिए योग्य मतदाताओं को इसके संबंध में जानकारी दी गई। इस सुविधा का चयन करने के लिए पात्र मतदाताओं ने फॉर्म 12-डी भरकर बीएलओ को दिया।
प्रथम चरण: सीकर में सर्वाधिक 4 हजार 960 फॉर्म स्वीकृत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि होम वोटिंग के तहत प्रथम चरण के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में पांच अप्रैल से मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी और 14 अप्रैल तक चलेगी। किसी कारण से मतदाता के होम वोटिंग के लिए अनुपस्थित या वंचित रह जाने पर दूसरा चरण 15 से 16 अप्रैल के बीच होगा। होम वोटिंग के लिए 12 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा 36 हजार 558 पात्र मतदाताओं के फॉर्म स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 27 हजार 524 वरिष्ठ नागरिक और 9 हजार 306 दिव्यांग शामिल हैं। निर्वाचक अधिकारी द्वारा होम वोटिंग का विकल्प चयन करने वाले मतदाताओं की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। साथ ही होम वोटिंग के लिए विशेष मतदान दल गठित कर उनके प्रशिक्षण की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। ये विशेष दल राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों की मौजूदगी में पंजीकृत मतदाताओं के घर पहुंचकर पोस्टल बैलेट के जरिए मतदान करवाएंगे।
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रवार स्वीकृत कुल फॉर्म (बुजुर्ग-दिव्यांग)
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श्रीगंगानगर: 3,430 (2,315-1,115)
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बीकानेर: 3,695 (2,858-738)
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चूरू: 4,058 (2,997-1,061)
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झुंझुनूं: 3,158 (2,290-868)
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सीकर: 4,909 (3,848-1,061)
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जयपुर ग्रामीण: 3,969 (3,129-840)
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जयपुर: 3,632 (3,134-498)
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अलवर: 2,071 (1,317-754)
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भरतपुर: 1,598 (1,114-484)
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करौली-धौलपुर: 2,125 (1,530-595)
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दौसा: 2,454 (1,863-591)
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नागौर: 1,558 (1,048-510)
दूसरा चरण: बाड़मेर में सर्वाधिक 5,135 पंजीकरण
गुप्ता ने बताया कि दूसरे चरण में मतदान वाले 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में होम वोटिंग के लिए पंजीकरण का कार्य पूरा हो गया है। इन क्षेत्रों में कुल 40 हजार से अधिक पात्र मतदाताओं ने पंजीकरण कराया है। इसमें 31 हजार 511 वरिष्ठ नागरिक और 8 हजार 567 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं। निर्वाचक अधिकारी होम वोटिंग का विकल्प चयन करने वाले मतदाताओं की सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों और उम्मीदवारों को आठ अप्रैल तक उपलब्ध कराएंगे। विशेष मतदान दल गठित कर उनके प्रशिक्षण की सभी प्रक्रिया 13 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। होम वोटिंग के लिए मतदान प्रक्रिया 14 अप्रैल से शुरू होकर 21 अप्रैल तक चलेगी। किसी कारण से मतदाता के होम वोटिंग के लिए अनुपस्थित या वंचित रह जाने पर दूसरा दौर 22 से 23 अप्रैल के बीच होगा।
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रवार कुल पंजीकृत (बुजुर्ग-दिव्यांग) मतदाता
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टोंक-सवाई माधोपुर: 2,695 (1,976-719)
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अजमेर: 3,036 (2,253-783)
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पाली: 3,801 (3,147-654)
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जोधपुर: 2,842 (2,428-414)
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बाड़मेर: 5,135 (4,444-691)
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जालौर: 3,460 (2,778-682)
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उदयपुर: 3,221 (2,630-591)
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बांसवाड़ा: 1,832 (1,368-464)
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चित्तौड़गढ़: 3,759 (3,007-752)
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राजसमंद: 2,283 (1,718-565)
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भीलवाड़ा: 2,596 (1,986-610)
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कोटा: 2,751 (2,071-680)
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झालावाड़-बारां: 2,667 (1,705-962)
गुप्ता ने बताया कि होम वोटिंग के प्रति लोकसभा आम चुनाव में राज्य विधानसभा चुनाव 2023 से भी ज्यादा उत्साह है। विधानसभा चुनाव के दौरान 61 हजार 628 पात्र मतदाताओं ने पंजीकरण कराया था। इस बार यह आंकड़ा 76 हजार के पार पहुंच गया है। होम वोटिंग के लिए राज्य विधानसभा चुनाव 2023 में 80 साल से अधिक आयु के मतदाता पात्र थे। लोकसभा चुनाव के दौरान इसे बढ़ाकर 85 साल किया गया है। पात्र मतदाताओं की संख्या पहले के मुकाबले कम होने के बावजूद भी होम वोटिंग के लिए अधिक रुझान निर्वाचन विभाग द्वारा ‘कोई मतदाता न छूटे’ के उद्देश्य के साथ किए गए प्रयासों का ही परिणाम है।