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Rajasthan: पंजाब से आ रहे प्रदूषित पानी और समझौते से कम जल देने का मामला विधानसभा में गूंजा, जानें क्या कहा

Wed, 05 Mar 2025 08:50 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 05 Mar 2025 08:50 PM IST
सार

Rajasthan Legislative Assembly: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को पंजाब से सतलुज में प्रदूषित पानी बहाने और रावी-व्यास समझौते के अनुरूप जल नहीं देने का मुद्दा गूंजा।

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Rajasthan issue of polluted water coming from Punjab and giving less water than agreement was raised assembly
राजस्थान विधानसभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल में विभिन्न विधायकों के सवालों के जवाब में सरकार ने कहा कि रावी-व्यास नदियों के जल में से अपने हिस्से का शेष 0.60 एमएएफ पानी लेने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सतलुज प्रदूषण पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने माना कि पंजाब के लुधियाना, जालंधर एवं अन्य शहरों से प्रदूषित पानी सतलुज में प्रवाहित किया जाता है, जो इंदिरा गांधी नहर, सरहिंद फीडर और बीकानेर कैनाल के जरिए राजस्थान में आता है। इसे शुद्ध कर पेयजल आपूर्ति की जाती है। सरकार ने राजस्थान-पंजाब सीमा पर रीयल टाइम वाटर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया है।

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विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर ने सदन में पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि सतलुज के प्रदूषित पानी की वजह से श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत 12 जिलों में कैंसर और किडनी की बीमारियां लोगों को हो रही हैं। इस पर रावत ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इलाके में पानी की जांच में प्रदूषण की पुष्टि हुई है। केन्द्रीय मंडल ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण मंडल को प्रदूषित पानी प्रवाहित नहीं किए जाने के निर्देश दिए हैं। 
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फरवरी में ही लिखा केंद्र को पत्र 
विधायक कालीचरण सराफ ने रावी-व्यास से 1981 के समझौते के अनुसार पानी नहीं मिलने का प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कानून लाकर इस समझौते को रद्द कर चुकी है। इस पर रावत ने कहा कि फरवरी माह में ही केन्द्रीय जलशक्ति मंत्रालय को राजस्थान के हिस्से का शेष पानी दिलाने के लिए पत्र लिखा है, कोर्ट में भी प्रभावी पैरवी कराएंगे।

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