Rajasthan : सरकारी संस्था स्वच्छ में हुए करोड़ों के फर्जी भुगतान, जनजाति विकास मंत्री बोले- एसीबी करेगी जांच
प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में काम कर रहे सरकारी संस्थान स्वच्छ में हुए भ्रष्टाचार की जांच एसीबी करेगी। जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने आज विधानसभा में इस संबंध में घोषणा की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जनजातीय क्षेत्र में काम कर रही स्वच्छ संस्था में करोड़ों रुपयों के फर्जी भुगतान और अफसर के ट्रांसफर का मुद्दा आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान उठा। बांसवाड़ा में सरकारी संस्था स्वच्छ के अफसर को कलेक्टर की तरफ से हटाने और नया अधिकारी लगाने के मुद्दे पर जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी और कांग्रेस विधायक अर्जुन बामणिया के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। खराड़ी ने कहा कि विभाग के पास इस अफसर के खिलाफ शिकायतें थीं, इसलिए हटाया। आप जिस अफसर को लगाना चाहते थे, उसके खिलाफ भारी शिकायतें थीं। मंत्री के इस जवाब पर कांग्रेस विधायक बामणिया ने आपत्ति जताई।
बामणिया ने कहा कि स्वच्छ संस्था में कई अफसर हैं, दूसरे विभाग से लगाने का क्या कारण है? इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक सवाल पूछा कि स्वच्छ सरकार से संचालित एनजीओ है। उन्होंने कहा कि संस्था विधान में साफ है कि इसके डायरेक्टर ही कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने या खत्म करने और ट्रांसफर-पोस्टिंग पर फैसला करेंगे। इसके बावजूद कलेक्टर ने वहां अफसर कैसे लगा दिया?
उन्होंने कहा कि कलेक्टर ने किस अधिकार से अफसर लगा दिया। कलेक्टर को पॉवर नहीं थी, सरकार क्या कार्रवाई करना चाहती है? आप इसी तरह तो संविधान को कमजोर कर रहे हो। जिनके पास पॉवर नहीं है, वो संस्थाओं में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके जवाब में खराड़ी ने कहा- जनजाति विकास विभाग ने शिकायतों के बाद स्वच्छ संस्था से इस अफसर को हटाने के आदेश दिए थे। अफसर ने खूब गड़बड़ियां कीं। इसने बिना अधिकार 9 करोड़ से ज्यादा की खरीद नियम विरुद्ध तरीके से की। करोड़ों का भुगतान कर दिया। इस पूरे मामले की एसीबी से जांच होगी।