फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Education Department issued new guidelines for schools will not run in dilapidated buildings

Rajasthan: असुरक्षित भवनों में अब नहीं चलेंगे स्कूल, शिक्षा विभाग ने जारी की नया गाइडलाइन, जानें क्या है खास

Thu, 23 May 2024 11:56 AM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 23 May 2024 11:56 AM IST
सार

शासन सचिव शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने कहा कि किसी भी सरकारी स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्था प्रधान और जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
Rajasthan Education Department issued new guidelines for schools will not run in dilapidated buildings
सरकारी स्कूलों को लेकर नई गाइडलाइन जारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान शिक्षा विभाग ने नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सरकारी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन के तहत प्रदेशभर में कहीं भी खुले में, झोपड़ी में, पेड़ के नीचे या किसी भी असुरक्षित स्थान पर संचालित स्कूलों को वैकल्पिक भवन की व्यवस्था दी जाएगी। भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शासन सचिव शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने जानकारी दी कि सभी सरकारी स्कूलों का भौतिक सत्यापन करवाया जाएगा। जिन स्कूलों को भवन निर्माण की अनुमति नहीं मिली है, उनके लिए जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर मिलकर भूमि आवंटन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करेंगे।
विज्ञापन


जानिए गाइडलाइन में क्या है खास

भौतिक सत्यापन और भूमि आवंटन
राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जहां भी स्कूलों को अब तक भूमि आवंटन नहीं हुई है, वहां नए स्कूल के लिए सुरक्षित भवन की व्यवस्था की जाएगी। इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन


अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी
अगर, स्कूल असुरक्षित स्थान पर संचालित होते पाए गए तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी और अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्वच्छता अभियान चलेगा
सभी सरकारी स्कूलों में बरसात से पहले सफाई अभियान चलाया जाएगा। बंद नालों और छतों की सफाई की जाएगी। ताकि, बारिश के दौरान छात्रों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अभियान की मॉनिटरिंग जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मूलभूत सुविधाएं जारी
सरकारी स्कूलों में शुद्ध पेयजल और शौचालयों में रनिंग वॉटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जर्जर शौचालयों की मरम्मत भी की जाएगी।

ऑनलाइन शिकायत करने की सुविधा
स्टूडेंट शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से स्कूल की जर्जर इमारत, पेयजल व्यवस्था और बदहाल टॉयलेट की समस्याओं की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। जिला स्तर पर इन शिकायतों का निस्तारण जल्द से जल्द किया जाएगा। 7 दिनों में कार्रवाई न होने पर संबंधित संस्था प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

किराए के भवन में चलेगा स्कूल
किराए के भवन में संचालित सरकारी स्कूलों के लिए नए भवन के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

जर्जर स्कूलों की होगी मरम्मत
राज्यभर के ऐसे सरकारी स्कूल जो जर्जर इमारत में संचालित हैं और छात्रों के लिए असुरक्षित हैं, उन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इन स्कूलों के भवन को क्षतिग्रस्त घोषित किया जाएगा और मरम्मत होने तक उनमें छात्रों की एंट्री पर रोक रहेगी।


लापरवाही पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
शासन सचिव शिक्षा विभाग कृष्ण कुणाल ने कहा कि किसी भी सरकारी स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की कमी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही मिलने पर संबंधित संस्था प्रधान और जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस गाइडलाइन का उद्देश्य राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। ताकि, बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा न आए। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed