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Rajasthan: ED ने RPSC अध्यक्ष श्रोत्रिय और सदस्य कटारा समेत 23 लोगों को जारी की नोटिस, आज से शुरू होगी पूछताछ
Fri, 09 Jun 2023 07:24 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 09 Jun 2023 07:24 AM IST
सार
एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ED) ने राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में रुपयों के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरपीएससी चेयरमैन संजय श्रोत्रिय और सदस्य बाबूलाल कटारा समेत 23 लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।
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ED ने जारी की नोटिस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ईडी की दिल्ली से आई टीम आज से ही पूछताछ शुरू कर देगी। अलग-अलग लोगों से इन्क्वायरी और इन्वेस्टिगेशन का यह दौर 15 जून तक जारी रह सकता है। आरपीएससी चेयरमैन संजय श्रोत्रिय और सदस्य बाबूलाल कटारा समेत 23 लोगों को नोटिस देकर ईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक, सभी को अलग-अलग दिन और समय पर बुलाया गया है। ईडी टीम ने अब तक जब्त किए गए डॉक्यूमेंट्स की पड़ताल करने के बाद मिले सुराग और सबूतों के आधार पर ही ये नोटिस जारी किए हैं।
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RPSC चेयरमैन संजय क्षोत्रिय और सदस्य बाबूलाल कटारा से शुक्रवार को पूछताछ होगी। ईडी आरपीएससी अध्यक्ष से पेपर लीक को लेकर पूछताछ में कई सवाल पूछ सकती है। जैसे- उन्हें क्या-क्या जानकारियां हैं और उन्होंने अपने लेवल पर अब तक क्या कार्रवाई की है? आरपीएससी के अन्य किन-किन सदस्यों और स्टाफ पर संदेह है। सदस्य बाबूलाल कटारा या अन्य सदस्यों, स्टाफ की संदिग्ध भूमिका का उन्हें कब पता चल गया था। इस मामले में उन्होंने हाईलेवल पर किन्हें जानकारी दी। फिर क्या कार्रवाई की गई, बाबूलाल कटारा की नियुक्ति किस तरह से हुई। अन्य भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक पर क्या एक्शन किया गया। कुछ संदिग्ध कोचिंग के पेपर्स और पब्लिशर्स की टेस्ट सीरीज में से कैसे आरपीएससी के प्रश्न पत्र तैयार हुए।
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इससे पूर्व में RAS भर्ती परीक्षा में जयपुर और सीकर से संचालित होने वाले एक कोचिंग संस्थान से बड़ी संख्या में कैसे अभ्यर्थी सलेक्ट हुए। स्ट्रांग रूम की तिजोरी से पेपर कैसे बाहर पहुंचे, संस्था के अंदर किस-किस को पेपर संबंधी कार्यों के लिए कहां-कहां जिम्मा सौंपा गया। प्राइवेट और बाहरी व्यक्तियों का क्या रोल रहा। अगर चेयरमैन पेपरलीक की भनक और जानकारी ही नहीं लगी, तो अपने पद पर वो क्या ड्यूटी कर रहे थे? अगर पेपर लीक का पता था, तो उन्होंने RPSC की ओर से समय पर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की?
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क्या शिक्षा मंत्री, तत्कालीन शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री को शिकायत की गई थी, क्या जवाब मिला और एक्शन हुआ?
पूछताछ में यह भी पूछा जा सकता है कि शिक्षा मंत्री, तत्कालीन शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री तक क्या शिकायत की गई थी? अगर 'हां' तो क्या जवाब मिला और क्या एक्शन हुआ। एसीबी, एसओजी या पुलिस में शिकायत और अब तक जांच में क्या कॉर्डिनेशन रहा। आरपीएससी ने क्या सबूत दिए और कब-कब दिए, ये तमाम जानकारियां जुटाई जाएंगी।
बाबूलाल कटारा कैसे बना आरपीएससी सदस्य?
आरपीएससी सदस्य रहे बाबूलाल कटारा से उनके सदस्य बनने के पूरे प्रोसेस, योग्यता, सिफारिश को लेकर सवाल पूछे जाएंगे। कटारा पर गहरा शक है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक से पहले हुई अन्य परीक्षाओं में भी गड़बड़ियों में उनकी लिप्तता रही है। राजस्थान एसओजी ने बाबूलाल कटारा को गिरफ्तार किया, लेकिन इससे पूर्व में हुई परीक्षाओं में पेपरलीक, नकल और रुपये लेकर नौकरियां लगाने के बारे में भी किसी एजेंसी ने अब तक पूछताछ क्यों नहीं की।
सुरेश ढाका के दो मंत्रियों और काफी ब्यूरोक्रेट्स से संपर्क और कोचिंगों में इन्वेस्टमेंट पर होगी पड़ताल...
पेपर लीक में मास्टरमाइंड सुरेश ढाका के राजस्थान सरकार में दो मंत्रियों, पूर्व मंत्री और ब्यूरोक्रेट के संपर्क की पड़ताल होगी। आगामी दिनों में ढाका से भी ईडी पूछताछ कर सकती है। कोचिंगों में इन्वेस्टमेंट, किन-किन नेताओं ने पैसा लगाया, कोचिंगों को नेताओं के रिश्तेदार या नज़दीकी कौन कौन लोग संचालित कर रहे हैं। इसकी पड़ताल होगी। सूत्र बताते हैं कि नेताओं और कुछ कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ से परेशान दूसरे कोचिंग सेंटर के संचालक भी गुप्त जानकरियां ईडी तक पहुंचा रहे हैं। पूर्व में कोचिंग में पढ़ा चुके शिक्षक और मैनेजमेंट में रहे लोग भी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन बीजेपी नेताओं को दे रहे हैं। जो ईडी तक सीधे पहुंच रही हैं। बड़े मगरमच्छों को पकड़ने की तैयारी की बात भी सांसद किरोड़ीलाल मीणा इसीलिए कह रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि राजस्थान के कई कोचिंग सेंटर संचालकों को जयपुर में ईडी ऑफिस के आसपास देखा जा रहा है। जो ढाका के संरक्षण में चल रहे कोचिंग सेंटर्स और उनके अभ्यर्थियों की जानकारी ईडी को दे रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षा पास करने के बाद नौकरी में लग चुके अभ्यर्थियों की जानकारी भी ईडी को दी गई है। सुरेश ढाका के ज़रिए पैसों के लेन देन से नौकरी लगने वालों की भी शिकायतें की गई हैं।