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राजस्थान: कांग्रेस की बढ़त, फिर भी बोर्ड नहीं...क्या अपनों ने बिगाड़ा खेल? अब 7 दिन में आएगी रिपोर्ट

Sat, 03 Oct 2026 08:38 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sat, 03 Oct 2026 08:38 AM IST
सार

राजस्थान निकाय चुनाव में बढ़त के बावजूद कई जगह बोर्ड नहीं बना पाने पर कांग्रेस ने जांच कमेटी बनाई है। सीपी जोशी की अध्यक्षता वाली कमेटी सात दिन में रिपोर्ट देगी।

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Rajasthan Congress Probes Civic Poll Losses, Committee to Examine Cross-Voting and Leaders’ Role
राजस्थान कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के निकाय चुनाव में कई जगह कांग्रेस को बढ़त के बावजूद बोर्ड क्यों नहीं मिला? क्या पार्षदों की क्रॉस वोटिंग इसकी वजह बनी या पार्टी के ही नेताओं की भूमिका रही? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए अब कांग्रेस ने जांच कमेटी गठित कर दी है। अजमेर, पाली और भीलवाड़ा समेत कई निकायों में चुनावी हार की पड़ताल होगी और जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की जाएगी।

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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को कमेटी का संयोजक बनाया गया है। उनके साथ राम सिंह कसवा, सांसद मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, विधायक प्रमोद जैन भाया, गणेश घोघरा, हाकम अली, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत और रघुवीर सिंह राठौड़ को सदस्य बनाया गया है।

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सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट

कमेटी को सात दिन में अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को सौंपनी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के मुताबिक, कमेटी अजमेर, पाली, भीलवाड़ा सहित संबंधित निकायों का दौरा करेगी। वहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर चुनाव में हार के कारणों की जानकारी जुटाई जाएगी।

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जांच के दौरान क्रॉस वोटिंग और पार्टी नेताओं की भूमिका पर भी फोकस रहेगा। कांग्रेस यह पता लगाएगी कि किन निकायों में पार्षदों के मतदान से पार्टी के समीकरण बदले और स्थानीय नेताओं की इसमें कोई भूमिका थी या नहीं।

यह भी पढें- पंचायत चुनाव में क्यों बदली कांग्रेस की रणनीति?: जानिए, गांवों की सरकार के लिए क्या है नया प्लान

बढ़त के बावजूद बोर्ड क्यों नहीं बना?

कांग्रेस की जांच का मुख्य सवाल यही है कि जिन निकायों में पार्टी की स्थिति मजबूत थी, वहां बोर्ड बनाने में वह पीछे क्यों रह गई। अजमेर और पाली समेत कुछ निकायों में कांग्रेस प्रत्याशियों की हार और बोर्ड नहीं बन पाने के बाद संगठन के भीतर सवाल उठे थे।
कमेटी उम्मीदवारों के चयन, चुनाव प्रबंधन, पार्षदों की भूमिका और पार्टी नेताओं के बीच समन्वय जैसे पहलुओं की भी पड़ताल करेगी। रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।

वेणुगोपाल के निर्देश के बाद बनी कमेटी

कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने 21 सितंबर को जयपुर में पार्टी के विधायक, सांसद और पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक की थी। निकाय चुनाव के परिणामों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कई निकायों में कांग्रेस की स्थिति और बोर्ड गठन के बीच अंतर को लेकर नाराजगी जताई थी।
उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे। अब प्रदेश कांग्रेस ने कमेटी का गठन कर दिया है। सात दिन बाद आने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किन कारणों को हार के लिए जिम्मेदार मानती है और क्या किसी नेता या पदाधिकारी पर कार्रवाई की सिफारिश की जाती है।

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