फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Assembly: Session to Proceed Without Opposition Today as Congress Announces Boycott Over Suspension

Rajasthan Assembly: आज बिना विपक्ष के बगैर ही चलेगी विधानसभा, कांग्रेस का एलान- निलंबन बहाली तक करेंगे बॉयकॉट

Tue, 25 Feb 2025 08:38 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Tue, 25 Feb 2025 08:38 AM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्प्णी को लेकर विधानसभा में मचा बवाल थम नहीं रहा। सत्ता पक्ष, स्पीकर और कांग्रेस विधायकों के बीच गतिरोध और बढ़ गया है। कांग्रेस ने गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 विधायकों के निलंबन बहाली की मांग को लेकर विधानसभा की कार्रवाई का बॉयकॉट कर दिया है। ऐसे में आज विपक्ष की मौजूदगी बिना ही सदन चलेगा। राजस्थान में ऐसा पहली बार होने जा रहा है।

विज्ञापन
Rajasthan Assembly: Session to Proceed Without Opposition Today as Congress Announces Boycott Over Suspension
राजस्थान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान विधानसभा के इतिहास में आज ऐसा पहली बार होगा जब सदन की कार्रवाई बिना प्रतिपक्ष के शुरू होगी। निलंबित विधायकों की बहाली को लेकर सत्ता पक्ष से गतिरोध नहीं टूटने के चलते कांग्रेस ने सोमवार शाम विधानसभा से वॉकआउट कर दिया था। इसके साथ ही यह एलान भी कर दिया है कि जब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 विधायकों की बहाली नहीं होती एक भी कांग्रेसी विधायक सदन की कार्रवाई में भाग नहीं लेगा।

विज्ञापन

विज्ञापन


इधर सत्ता पक्ष के संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने गोविंद सिंह डोटासरा पर सदन को हाईजैक करने के आरोप लगाए। सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच बातचीत का क्रम पूरी तरह से टूटा नजर आ रहा है। ऐसे में अब यह गतिरोध किस तरह खत्म होगा यह बड़ा सवाल बन चुका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विधानसभा में बढ़ी सुरक्षा

विधानसभा में चल रहे गतिरोध के दौरान निलंबित कांग्रेस विधायकों को सदन से बाहर रखने के लिए विधानसभा परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। वहीं कांग्रेस इस बात पर अड़ गई है कि कार्रवाई में या तो सभी 66 विधायक भाग लेंगे नहीं तो एक भी सदस्य सदन में नहीं जाएगा। इधर सत्ता पक्ष ने संकेत दिए हैं कि प्रतिपक्ष अड़ा तो उसके बिना ही सदन की कार्रवाई चलेगी।

ऐसे चला घटनाक्रम

शुक्रवार को शुरू हुए इस विवाद का कुल जमा मामला ये था कि प्रश्नकाल में सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत ने एक सवाल के जवाब में इंदिरा गांधी को लेकर टिप्पणी कर दी। इस पर कांग्रेस विधायक भड़के और स्पीकर से इस टिप्पणी को सदन की कार्रवाई से निकालने की मांग की। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और डोटासरा सहित 6 विधायक स्पीकर वासुदेव देवनानी के आसन की तरफ आ गए। इसके बाद स्पीकर ने इन्हें निलंबित कर दिया। स्पीकर के निलंबन के विरोध में कांग्रेसी विधायकों ने सदन में धरना दे दिया। सोमवार को कार्रवाई शुरू हुई तो गतिरोध खत्म होने के आसार बने लेकिन 'पहले माफी कौन मांगे' इस पर बात बिगड़ गई।

दरअसल कल सदन में हंगामे के साथ कार्रवाई शुरू होने के बाद स्पीकर ने सदन स्थगित कर दिया था। इसी दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच स्पीकर के कैबिन में समझौते के आसार नजर आए। इसके बाद सदन शुरू होने पर स्पीकर ने डोटासरा को विशेष अनुमति देते हुए खेद जताने के लिए कहा लेकिन डोटासरा इस बात पर अड़ गए कि पहले मंत्री अविनाश गहलोत खेद प्रकट करते हुए मामले को खत्म करें। वहीं स्पीकर वासुदेव देवनानी बोले कि मेरे चैंबर में जो बात हुई आपको वही यहां कहनी होगी, मेरे आसन पर चढ़ने के लिए आप सदन में खेद जताइए। इस पर डोटासरा ने यह कहते हुए कि विवाद की शुरुआत कहां से हुई। मुझे आसन पर क्यों आना पड़ा। पहले आप मंत्री से काफी मंगवाइए, इसके बाद मैं खेद जता दूंगा, मुझे कोई आपत्ति नहीं है, खेद जताने से इंकार कर दिया।

इस पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि स्पीकर के चैंबर में यह स्पष्ट बात हुई थी डोटासरा आसन का अपमान करने के लिए माफी मांगेंगे। उन्होंने डोटासरा से कहा कि मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कि आप अपनी बात पर कायम रहें और सदन में खेद प्रकट करें। इस पर डोटासरा अड़ गए कि पहले सरकार के मंत्री को माफी मांगनी होगी। विवाद बढ़ता देख स्पीकर ने फिर से सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। 

आधा घंटा बाद सदन फिर से जुटा और स्पीकर ने सदन की कार्रवाई निलंबन के निर्णय के साथ ही चलाने की बात कही। इस पर प्रतिपक्ष ने स्पीकर से आधा घंटे के लिए कार्रवाई और स्थगित करने की मांग की लेकिन स्पीकर ने साफ कर दिया कि निलंबन बहाली नहीं होगी और निलंबित विधायकों को सदन से बाहर जाना ही होगा। 

यहीं से माहौल एक बार फिर गरमा गया। शाम को कांग्रेसी विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि हमारे नेताओं ने सदन में खेद प्रकट कर दिया। फिर भी सरकार ने और किसी मंत्री ने खेद प्रकट करने की दिशा में कोई पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं को अपमानित करने, अमर्यादित टिप्पणी करना, ये नैतिकता नहीं है।


इधर गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष खुद ही डेड लॉक करके बैठ गया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी पर अमर्यादित शब्द बोलने वाले मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। मैं आसन से चार फीट दूर था अगर मैंने आसन का अपमान किया तो बता दें वीडियो फुटेज जारी कर दें लेकिन ये नहीं कर पाए, मेरी कार्रवाई रिकॉर्ड में देख लीजिए। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री की जो लैंग्वेज थी वो व्यंग्यात्मक थी। पिता तुल्य कहने और बाप कहने में यही फर्क हो जाता है। सदन में मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं। बीजेपी के विधायक ही संतुष्ट नहीं हैं। मार्शल्स से हम डरने वाले नहीं हैं।

इसके बाद विधानसभा के प्रवेश द्वार पर कांग्रेस विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेसी विधायक अपने निलंबित साथियों के साथ अंदर जाना चाह रहे थे, वहीं सुरक्षाकर्मी उन्हें रोकते नजर आए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed