Rajasthan Assembly Session: कोचिंग सेंटर रेगुलेशन बिल पास, दो लाख तक जुर्माना,मनमानी फीस वसूलने पर रोक
Rajasthan Assembly Monsoon Session live Updates News in Hindi: विधानसभा का मानसून सत्र जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ है। सदन में स्मार्ट मीटर को लेकर कांग्रेसियों ने सदन से वॉक आउट कर दिया।कोचिंग सेंटर रेगुलेशन बिल विधानसभा में पास हो गया है। अब छात्रों से कोचिंग सेंटर मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे। अगर सेंटर नियम तोड़ते हैं तो उन पर जुर्माना भी लगेगा।
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आज के सत्र में अहम विधेयक भी पटल पर रखे गए। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा 'राजस्थान कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनियमन विधेयक 2025' को प्रस्तुत किया।
कांग्रेस विधायकों ने झालावाड़ हादसे को लेकर शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
आज कांग्रेस विधायकों ने झालावाड़ दुखांतिका में मारे गए बच्चों को सदन के बाहर श्रद्धांजलि दी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि झालावाड़ में मारे गए बच्चों को सरकार ने विधानसभा में श्रद्धांजलि नहीं दी थी इसलिए कांग्रेस विधायकों ने आज सदन के बाहर उनके लिए श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ऐलान किया कि यदि अगली बार कांग्रेस की सरकार राजस्थान में बनती है तो झालावाड़ हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों के नाम से मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे।
सदन की कार्रवाई शुरू
शून्यकाल के दौरान जिन चार प्रश्नों पर चर्चा की जानी है। उनमें विधायक गोविंद प्रसाद द्वारा खरीफ की फसल खराबे से संबंधित प्रश्न के साथ ही विधायक छगनसिंह राजपुरोहित द्वारा जवाई बांध में पानी की आवक को देखते हुए फाटक खोलकर पानी जवाई नदी में छोड़ने का आग्रह, विधायक धर्मपाल द्वारा विधानसभा क्षेत्र खेतड़ी के जरासापुर गांव में पुलिस चौकी की स्थापना और विधायक चंद्रभान सिंह चौहान द्वारा चित्तौड़गढ़ की सीमेंट फैक्ट्रियों और कारखानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिए जाने से उत्पन्न स्थिति पर केंद्रित है।
विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही सदन की व्यवस्था को लेकर हंगामा शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जैसे ही इस पर बोलने के लिए खड़े हुए तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि आप मेरी व्यवस्था को बदल नहीं सकते।
राजस्थान में लागू की गई स्मार्ट मीटर योजना को लेकर कांग्रेस ने सदन में हंगामा किया। लक्ष्मणगढ़ विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ से कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि क्या सरकार ने नगर निगम और पंचायत चुनावों को देखते हुए स्मार्ट मीटर योजना पर ब्रेक लगा दिया है। इस पर ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने जवाब दिया कि RSSs केंद्र की योजना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना राजस्थान में कांग्रेस शासनकाल में स्वीकार की गई थी। गहलोत सरकार में कैबिनेट की बैठक में स्मार्ट मीटर योजना को मंजूरी दी गई थी। इसका कैबिनेट मीमो भी मेरे पास है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में स्मार्ट मीटर की कमी के चलते सामान्य मीटरों को भी लगाने की गाइड लाइंस जारी की गई है। जब स्मार्ट मीटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होंगे, तब इन स्मार्ट मीटर से उनको बदला जाएगा।
कांग्रेस विधायक डूंगरराम गेदर ने पंजाब से राजस्थान की नहरों में आ रहे जहरीले पानी को लेकर सवाल उठाए थे। इसके सवाल से जुड़े कुछ अंशों के जवाब नहीं आए। विधायक ने इस पर आपत्ति ली तो स्पीकर ने कहा कि यह उनका फैसला है, इस पर बाद में चर्चा हो जाएगी। इसके बाद विधायक के पूरक सवाल के जवाब में जलदाय मंत्री ने कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि पंजाब से आने वाले पानी की जांच के लिए सिस्टम लगा रखा है। हर घंटे इसकी जांच होती है।
स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में कांग्रेस विधायक सदन में नारेबाजी करते हुए वेल में उतर गए। कांग्रेस विधायकों ने मोदी मीटर वापस लो के नारे लगाए और करीब 15 मिनट तक वेल में नारेबाजी करने के बाद सदन से बहिर्गमन कर गए। कांग्रेस के वॉक आउट के बाद संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि स्मार्ट मीटर की योजना कांग्रेस सरकार के समय लाई गई थी, अब यही लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दोबारा सदन में पहुंचे। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार वॉक आउट के बाद पीछे से बोलती है, यदि हिम्मत है, तो सामने बोलकर बताएं। हम भी मजबूत तरीके से जवाब देंगे। जूली की बात का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि आप कुर्सी छोड़कर चले गए थे लेकिन सदन की कार्रवाई तो जारी थी। यदि आप यहां होते तो सारी बातें आपके सामने ही होतीं।
बहस की शुरुआत करते हुए RLD विधायक सुभाष गर्ग ने उच्च शिक्षा मंत्री से कहा कि प्रस्तावित विधेयक का ब्यूरोक्रेसी करण कर दिया गया है। इस बिल को जल्दबाज़ी में लाया जा रहा है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने कहा कि इस बिल को सरकार जल्दबाज़ी में लाई है। कोटा में कोचिंग इंडस्ट्री पहले ही खस्ताहाल चल रही है। इस बिल के आने के बाद स्थिति और ख़राब हो जाएगी। बेरोज़गारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस कार्यकाल में जितने भी बिल लेकर आयी हैं। उसमें से ज़्यादातर प्रवर समिति को लौटा दिए गए हैं। ऐसे में इस बिल को फिर से क्रॉस समिति को लौटा दिया जाना चाहिए। विधानसभा में कोचिंग रेगुलेशन बिल पास हो गया है। अब कोचिंग संस्थान मनमाने तरीके से फीस वसूल नहीं कर पाएंगे। एक साथ फीस लेने पर भी पाबंदी लगेगी। अगर छात्र-छात्राएं बीच में कोचिंग छोड़ते हैं तो नियमानुसार ट्यूशन और हॉस्टल फीस लौटानी होगी। जिस कोचिंग में 100 से ज्यादा छात्र पढ़ रहे होंगे उनको रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। बिल में जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों को पचास हजार जुर्माना पहली बार में लगाया जाएगा। अगर दोबारा नियम संस्थान तोड़ता है तो जुर्माना दो लाख रुपये होगा।