Rajasthan Assembly: इतिहास में पहली बार प्रतिपक्ष के बिना शुरू हुआ सदन, डोटासरा के साथ धरने पर बैठा विपक्ष
राजस्थान विधानसभा में आज को एक नया इतिहास बन गया। सदन की कार्रवाई आज बिना प्रतिपक्ष के ही शुरू की गई। इधर निलंबित सदस्यों के विधानसभा में घुसने को लेकर कांग्रेस विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो गई।
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विधानसभा में सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच विवाद और गहरा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्प्णी को लेकर शुरू हुआ विवाद सीधे टकराव तक जा पहुंचा है। कांग्रेस विधायक आज सुबह विधानसभा के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए। इसके बाद निलंबित सदस्यों सहित कांग्रेस विधायक अंदर आने लगे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों में झड़प हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने विधानसभा का गेट बंद कर लिया। विधानसभा में प्रवेश नहीं मिलने के बाद कांग्रेस विधायक सामने बने विधायक आवास के लॉन में जाकर धरने पर बैठ गए हैं और अनिश्चितकालीन धरने के लिए यहीं पर ही टैंट का सामान भी मंगवा लिया गया है।
डोटासरा ने स्पीकर पर लगाए आरोप
धरना स्थल पर पहुंचे गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को सदन में हुए विवाद को लेकर कहा कि संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने उनसे कहा था कि हमारा स्पीकर तो जैसा है वैसा है, काम की बात नहीं मानेगा। डोटासरा बोले कि गाजर-मूली है क्या जो तोड़कर खा जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरी स्पीकर चैंबर में जो सहमति बनी थी, उसमें व्यक्तिगत माफी की कोई बात नहीं हुई।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी पहुंचे
वहीं पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी धरना स्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से सत्ता पक्ष की तरफ से यह विवाद खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि टिप्पणी को लेकर माफी मांग ली जाती तो बात वहीं खत्म हो जाती।
पहली बार बिना विपक्ष के शुरू हुआ प्रश्नकाल
इधर बिना प्रतिपक्ष के पहली बार राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल शुरू हो गया है। पूर्व मंत्री व मौजूदा विधायक शांति धारीवाल का कहना है कि विपक्ष अपने आप जाए वह बात अलग है लेकिन सत्ता पक्ष की तरफ से इस तरह की कोशिश की जाए कि विपक्ष बाहर ही रहे ऐसा तो पहली ही बार हुआ है।