जयपुर में खदान हादसा: पोकलेन मशीन फिसलकर खाई में गिरी, ऑपरेटर की मौके पर मौत; अवैध खनन पर उठे सवाल
जयपुर के दौलतपुरा थाना क्षेत्र के खोरा श्यामदास में पत्थर की खदान में बड़ा हादसा हो गया। खदान में काम कर रही पोकलेन मशीन फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी। मशीन पर सवार 30 वर्षीय ऑपरेटर चेतलाल पंडित की मौके पर ही मौत हो गई।
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जयपुर के दौलतपुरा थाना इलाके के खोरा श्यामदास में सोमवार शाम पत्थर की खदान में बड़ा हादसा हो गया। जगदंबा क्रेशर की खदान में काम कर रही पोकलेन मशीन अचानक फिसल गई और गहरी खाई में जा गिरी। मशीन पर सवार ऑपरेटर चेतलाल पंडित भी उसके साथ नीचे गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दौलतपुरा थानाधिकारी महेंद्र सिंह यादव ने बताया कि घटना सोमवार शाम करीब छह बजे की है। खदान में एलएनटी/पोकलेन मशीन से पत्थर निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान मशीन अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। मशीन के खाई में गिरने के बाद ऑपरेटर भी नीचे जा गिरा। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
मृतक की पहचान चेतलाल पंडित (30) के रूप में हुई है। वह झारखंड के हजारीबाग जिले के काल्हाबाद का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, चेतलाल पिछले करीब आठ से दस वर्षों से पोकलेन मशीन चलाने का काम कर रहा था।
पुलिस ने शव को कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है।
हादसे के बाद अवैध खनन पर सवाल
हादसे के बाद खोरा श्यामदास क्षेत्र में संचालित पत्थर की खदानों में खनन गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि क्षेत्र में कुछ जगहों पर खनन नियमों और निर्धारित मानकों की अनदेखी कर पत्थर की खुदाई की जा रही है।
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टोडी क्षेत्र की पत्थर की खदानों में भी पूर्व में अवैध खनन के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे में खनन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, खनन की अनुमति और नियमों के पालन को लेकर खनन विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, खोरा श्यामदास की संबंधित खदान में खनन वैध था या नहीं, इसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। हादसे के वास्तविक कारणों के साथ खदान में सुरक्षा व्यवस्था और खनन नियमों के पालन की स्थिति की जांच संबंधित विभाग द्वारा किया जाना बाकी है।