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OSD Lokesh Sharma: पीड़ित परिवार की पहचान उजागर करने का हक किसी को नहीं, भाजपाइयों को दे देना चाहिए इस्तीफा

Sun, 06 Aug 2023 07:39 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sun, 06 Aug 2023 07:39 PM IST
सार

सीएम ओएसडी लोकेश शर्मा ने कहा कि भाजपा ने कोटड़ी मामले में की पीड़ित परिवार की पहचान उजागर कर दी। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
 

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OSD Lokesh Sharma demands resignation from BJP women MPs and State President
ओएसडी लोकेश शर्मा - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

राजस्थान भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भीलवाड़ा के कोटड़ी मामले में पीड़िता के परिजनों की पहचान उजागर कर दी। सीएम ओएसडी लोकेश शर्मा ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और महिला सांसदों से इसी मामले में इस्तीफा मांगते हुए कहा-भाजपा ने कोटड़ी मामले में की पीड़ित परिवार की पहचान उजागर कर दी। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

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राजस्थान भाजपा ने पीड़िता के पिता का चेहरा अपने ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट पर दर्शा दिया। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष और सांसद सीपी जोशी ने भी पीड़िता के पिता का चेहरा अपने ऑफिशियल ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर दिखा दिया। भाजपा की ओर से मीडिया को जानकारी देने के लिए जो ऑफिशियल व्हॉट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है, उस ग्रुप में भी नाबालिग के पिता की पहचान महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मीडिया को जानकारी देने के लिए साझा की गई तस्वीरों में उजागर की गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी लोकेश शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सीपी जोशी, महिला सांसद लॉकेट चटर्जी, रेखा वर्मा, सरोज पांडे से इस्तीफे की मांग की है।
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लोकेश शर्मा ने वक्तव्य जारी कर कहा कि राजस्थान सरकार भीलवाड़ा कोटड़ी मामले को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में पुलिस को जल्द से जल्द चालान पेश करने के निर्देश भी दे रखे हैं। 
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लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता चुनावी साल में राजनीतिक रंग देने के लिए कोटड़ी में पीड़ित परिवार से मिलने का नाटक कर रहे हैं। लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि सीपी जोशी और भाजपा ने पीड़िता के पिता की पहचान उजागर करने का काम किया है। सीपी जोशी खुद एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष जैसा अहम पद संभाले हुए हैं और जनता की सबसे बड़ी अदालत संसद में चित्तौड़गढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनसे ऐसे गैर-जिम्मेदाराना कृत्य की उम्मीद शायद किसी ने नहीं की होगी। 

लोकेश शर्मा ने कहा कि भीलवाड़ा मामले में वाहवाही लूटने के लिए भाजपा ने एक प्रतिनिधिमंडल का गठन किया था, जो रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधि मंडल में भाजपा की महिला सांसद और राष्ट्रीय संगठन की पदाधिकारी शामिल थीं। इन्होंने पीड़ित परिवार की फोटोज बीजेपी मीडिया राजस्थान के नाम से बनाए गए व्हॉट्सएप ग्रुप में भी साझा कर दीं। लोकेश शर्मा ने कहा कि भाजपा की महिला सांसदों को भी इस लापरवाही के लिए संसद की सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए। लोकेश शर्मा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब खुद महिलाओं-बेटियों की इज्जत और आत्मसम्मान की रक्षा की बात करते हैं,उन्हें इस मामले में तुरंत पार्टी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं लोकेश शर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार पर पहले ही दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है, इसके बावजूद भाजपा अपने राजनीतिक हित साधने के लिए पीड़ित परिजनों की पहचान उजागर कर रही है, जिससे पीड़ित परिवार को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।

शर्मा ने कहा कि यह भी बात ध्यान देने योग्य है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स के अनुसार किसी भी परिस्थिति में दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। लोकेश शर्मा ने इस मामले का कानूनी पक्ष रखते हुए कुछ बिंदुओं को सामने रखा है।

1. साल 2018 में कठुआ में एक 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म और फिर हत्या किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीशों न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अहम टिप्पणी की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 228-ए का मुद्दा उठाए जाने पर उन्होंने कहा था कि मृतक की गरिमा के बारे में भी सोचिए। इसे (मीडिया रिपोर्टिंग) नाम लिए बगैर भी किया जा सकता है। मृतक की भी गरिमा होती है। उल्लेखनीय है कि धारा 228-ए यौन हिंसा के पीड़ितों की  पहचान उजागर करने से संबंधित है।


2. सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के मुताबिक 'कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया आदि किसी भी प्लेटफॉर्म से रेप पीड़ित की पहचान ज़ाहिर नहीं कर सकता और न ही ऐसी कोई जानकारी जिससे पीड़ित को पहचाने जाने की संभावना या रास्ता बनता हो।'

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