Rajasthan Monsoon : राजस्थान में मानसून ने बदला रुख, अलर्ट वाले जिलों में भी सूखा; बढ़ी गर्मी-उमस
राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर कमजोर पड़ गई है। मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद शनिवार को ज्यादातर जिलों में बारिश नहीं हुई और रविवार को 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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राजस्थान में मानसून एक बार फिर कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग की बारिश की चेतावनी के बावजूद प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल तो दिखाई दिए, लेकिन बारिश नहीं हुई। अब रविवार को मौसम विभाग ने 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि मौजूदा मौसम को देखते हुए प्रदेश में फिलहाल व्यापक बारिश की उम्मीद कम है। बारिश के थमने से कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई है, जिससे लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। शनिवार को भी प्रदेश के 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन बारिश कुछ सीमित इलाकों तक ही रही। ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा और दिनभर बादल आने के बावजूद बारिश का इंतजार ही बना रहा।
मानसून ट्रफ की स्थिति से कमजोर हुई बारिश
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राजस्थान में मानसून कमजोर रहने की सबसे बड़ी वजह मानसून ट्रफ का अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बने रहना है। यह ट्रफ अमृतसर, नजीबाबाद और हरदोई से होते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश में बने लो-प्रेशर एरिया तक सक्रिय है। इसके आगे इसका असर झारखंड और बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। ऐसे में फिलहाल पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में बारिश के लिए परिस्थितियां राजस्थान के मुकाबले ज्यादा अनुकूल हैं। यही कारण है कि प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। मानसून की यही स्थिति लगातार दूसरे दिन देखने को मिली। शुक्रवार को भी कई जिलों में बारिश का अलर्ट था, लेकिन व्यापक बारिश नहीं हुई। शनिवार को भी ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ रहा।
जयपुर में छाए बादल, लेकिन बारिश नहीं हुई
राजधानी जयपुर में शनिवार को दिनभर हल्की धूप रही। शाम के समय कुछ इलाकों में बादल जरूर छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक रहा। शनिवार को प्रदेश के 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया था। इसके बावजूद अच्छी बारिश धौलपुर, अलवर और आसपास के कुछ इलाकों तक ही सीमित रही। राजाखेड़ा में 21 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक रही। अलवर के लक्ष्मणगढ़ में 10 मिमी, कठूमर में 5 मिमी और धौलपुर के बसेड़ी में 4 मिमी बारिश हुई। भरतपुर के नगर में 3 मिमी पानी गिरा, जबकि डूंगरपुर के चिखली में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं जयपुर, अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में दिनभर बारिश नहीं हुई।
बारिश थमी तो तापमान ने पकड़ी रफ्तार
मानसून के कमजोर पड़ने का असर अब तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बारिश नहीं होने से धूप और उमस बढ़ गई है। प्रदेश के नौ शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री या इससे ऊपर दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर 39.6 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा। सीकर में 35.5 डिग्री और जयपुर में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। चित्तौड़गढ़, कोटा, पिलानी, सीकर, चूरू और श्रीगंगानगर में तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री तक अधिक रहा। बारिश की कमी के चलते दिन में लोगों को गर्मी के साथ उमस भी परेशान कर रही है। अब रविवार को 14 जिलों में यलो अलर्ट के बीच लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि बादल सिर्फ दिखाई देते हैं या इस बार बारिश भी होती है।