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Rajasthan Monsoon: एमजेओ की मेहरबानी से राजस्थान में जल्दी पहुंचा मानसून, जानें क्या है मैडियन जूलियन ऑसीलेशन
Mon, 30 Jun 2025 09:20 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 30 Jun 2025 09:20 AM IST
सार
Monsoon in Rajasthan: प्रदेश में इस बार मानूसन की एंट्री भी समय से पहले ही हो गई। आमतौर पर राजस्थान में मानसून का प्रवेश 25 जून को होता है लेकिन इस बार यह करीब 10 दिन पहले ही राजस्थान में एंटर हो गया और तब से अब तक लगातार अच्छी बारिश हो रही है।
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राजस्थान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रदेश में इस बार मानसून न सिर्फ जल्द आया बल्कि एक जून से अब तक यहां औसत से करीब 125 प्रतिशत से अधिक बारिश भी हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार इसकी मुख्य वजह मैडियन जूलियन ऑसीलेशन (MJO) है। यह महत्वपूर्ण घटना इस बार हिंद महासागर में घट रही है, जिसके प्रभाव से राजस्थान सहित पूरे भारत में अच्छी बारिश हो रही है।
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मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि हर साल मानसून की अलग विशेषता होती है। इस बार मानसून की यह विशेषता है कि यह समय से पहले पहुंचा है और लगातार एक्टिव भी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मौसमी घटानाएं जैसे अल नीनो-ला नीनो मानसून को प्रभावित करती हैं। इस बार एमजेओ से मानसून प्रभावित हो रहा है। यह हिंद महासागर में एक्टिव है जिसके चलते इस बार अच्छी बारिश हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि यह आगे भी एक्टिव रहेगा।
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क्या है मैडियन जूलियन ऑसीलेशन
यह एक महत्वपूर्ण मौसमी घटना है। यह भूमध्य रेखा के पास बादलों, वर्षा, हवाओं और दबाव की पूर्वी दिशा में चलने वाली पल्स है। जो आमतौर पर 30 से 60 दिनों तक चलती है। यह विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वर्षा के वितरण और तीव्रता को प्रभावित करता है। पूरे विश्व में मौसम का पैटर्न प्रभावित करने की शक्ति इसमें है। इससे कई स्थानों पर आंधी-तूफान और अत्यधिक वर्षा हो सकती है। चूंकि भारत कृषि प्रधान देश है, यहां अधिकतर राज्यों में खेती बारिश पर निर्भर करती है। इसलिए एमजीओ यहां सबसे ज्यादा प्रभाव डाल सकता है।
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यदि संभागवार बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति इस प्रकार रहेगी-
अजमेर
अजमेर संभाग में अब तक औसत से 175.60% अधिक वर्षा हुई है। इस संभाग के सभी 6 जिलों में सामान्य से अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है।
भरतपुर
भरतपुर संभाग में 4 जिलों में सामान्य से अत्यधिक व डीग में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। पूरे भरतपुर संभाग में एक जून से अब तक सामान्य से 142.77% अधिक वर्षा हो चुकी है।
बीकानेर
इस संभाग में अब तक सामान्य से 32.79% अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है। इसमें बीकानेर जिलें में सामान्य व चूरू, हनुमानगढ़ तथा गंगानगर में सामान्य से अधिक तथा अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है।
जयपुर
जयपुर संभाग में अब तक सामान्य से 127.37% अधिक वर्षा दर्ज हो चुकी है। इनमें अलवर, दौसा, जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
जोधपुर
यहां 1 जून से अब तक सामान्य से 25.63 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। इसमें सिर्फ फलौदी में सामान्य से कम वर्षा हुई है। अन्य सभी जिलों में सामान्य, सामान्य से अधिक व अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
कोटा
कोटा संभाग में सबसे ज्यादा सामान्य से 200 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। इस संभाग में आने वाले बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा में सामान्य से अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
उदयपुर
उदयपुर संभाग में भी सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। 1 जून से अब तक इस संभाग में सामान्य से 125.30% अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।