'कांग्रेस को आरोपों के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए': अशोक गहलोत की प्रेसवार्ता पर मदन राठौड़ का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत के निकाय चुनाव संबंधी आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी तैयारियों और संगठन पर सवाल उठाए, परिसीमन व पुलिस प्रशासन संबंधी आरोपों को खारिज किया और कांग्रेस से आत्ममंथन करने को कहा।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की निकाय चुनाव परिणामों को लेकर की गई प्रेसवार्ता पर पलटवार किया। राठौड़ ने कहा कि गहलोत की प्रेसवार्ता से एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनावी तैयारियों और संगठन पर सवाल खड़े होते हैं।
राठौड़ ने कहा कि गहलोत ने स्वयं स्वीकार किया कि भाजपा से नाराज मतदाताओं को भी कांग्रेस अपने पक्ष में नहीं ला सकी और उसका एक हिस्सा निर्दलीय प्रत्याशियों की ओर चला गया। इससे स्पष्ट है कि चुनावी मैदान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सक्रियता प्रभावी रूप से दिखाई नहीं दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गहलोत की प्रेसवार्ता में निकाय चुनाव के दौरान उन्हें दूर रखे जाने का दर्द भी दिखाई दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस के अन्य नेताओं के बीच आपसी नाराजगी एक बार फिर जनता के सामने उजागर हुई है।
राठौड़ ने कहा कि गहलोत अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देखकर बौखलाए हुए हैं और जनता के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गहलोत को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय कांग्रेस के प्रदर्शन पर आत्ममंथन करना चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि निकाय चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा पर विश्वास जताया है। उन्होंने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की मजबूती और भाजपा सरकार के विकास कार्यों से जोड़ते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है। चुनिंदा वार्डों या कुल मतों के आंकड़ों के आधार पर चुनाव परिणाम की तस्वीर को अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
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परिसीमन को लेकर गहलोत के आरोपों पर राठौड़ ने कहा कि षडयंत्र की बात कांग्रेस के शासनकाल में होती थी, भाजपा सरकार में नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार के समय जयपुर, जोधपुर और कोटा को दो-दो नगर निगमों में बांटा गया था। राठौड़ के अनुसार, भाजपा की भजनलाल शर्मा सरकार ने ‘एक शहर-एक निगम’ के आधार पर इन्हें फिर से एक निगम बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि परिसीमन एक निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया है तथा इसे षडयंत्र बताना उचित नहीं है। किसी प्रक्रिया पर आपत्ति होने पर नियमानुसार आपत्ति दर्ज कराने का प्रावधान है। राठौड़ ने पुलिस प्रशासन को लेकर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून अपना काम कर रहा है और किसी को कानून से ऊपर रहने की अनुमति नहीं है। पुलिस प्रशासन कानूनी दायरे में काम कर रहा है। उन्होंने भाजपा की ताकत धनबल के बजाय जनता और लाखों कार्यकर्ताओं को बताया।
राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की जनता विकास, सुशासन, रोजगार, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने गहलोत से भाजपा की चिंता करने के बजाय कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति, संगठन और नेतृत्व पर विचार करने को कहा। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने से जनता का विश्वास वापस नहीं पाया जा सकता। भाजपा जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए सेवा, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ेगी।