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नवरात्र पर 24 घंटे खुलेगा देशनोक का करणी माता मंदिर: पहली बार पांच कतारों में होंगे दर्शन, जानें कैसी व्यवस्था
Sun, 11 Oct 2026 07:59 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/बीकानेर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 11 Oct 2026 07:59 AM IST
सार
राजस्थान के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में नवरात्र के दौरान 24 घंटे दर्शन होंगे। पहली बार पांच कतारों की व्यवस्था की गई है। सांभर के मां शाकंभरी मंदिर में भी घट स्थापना के साथ नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए।
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नवरात्र में 24 घंटे खुलेगा करणी माता मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देशनोक स्थित विश्वप्रसिद्ध करणी माता मंदिर नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुला रहेगा। शारदीय नवरात्र महोत्सव को देखते हुए मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट ने दर्शन तथा सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए हैं। इस बार नवरात्र में पहली बार मंदिर में पांच कतारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जाएंगे। नवरात्र शुरू होने से पहले ही देशभर से श्रद्धालुओं के देशनोक पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। इस अवसर पर पूरे धाम को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
पांच कतारों में दर्शन, सुरक्षा के लिए 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
नवरात्र के दौरान देशनोक में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा छह पुलिस मोबाइल पार्टियां भी लगाई गई हैं, जो पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगी। ये टीमें मंदिर आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देंगी।
करणी सागर मैदान में पार्किंग की व्यवस्था
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए करणी सागर मैदान निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं की सहायता और मार्गदर्शन के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से 250 से अधिक सेवादार तैनात किए गए हैं। ये सेवादार श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन करवाने और भीड़ नियंत्रित करने में पुलिस का सहयोग करेंगे। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में टेंट, पेयजल, चिकित्सा सुविधा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
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घट स्थापना का मुहूर्त, 18 अक्तूबर को मां करणी का जन्मोत्सव
शारदीय नवरात्र का पर्व 11 अक्तूबर, रविवार को घट स्थापना के साथ शुरू होगा। पंडित नरोत्तम दास मिश्रा के सान्निध्य में सुबह 9:32 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर घट स्थापना की जाएगी। इसी शुभ मुहूर्त में श्रद्धालु अपने घरों में भी घट स्थापना करेंगे। नवरात्र उत्सव का प्रमुख आकर्षण 18 अक्तूबर को मनाया जाने वाला मां करणी का जन्मोत्सव होगा। इस अवसर पर देशनोक शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
संगीत संध्या और कवि सम्मेलन भी होंगे
जन्मोत्सव के कार्यक्रमों की श्रृंखला में 17 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे करणी महाई पैलेस में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्तूबर को रात 10 बजे मुख्य मंदिर के सामने स्थित प्रांगण में करणी भक्ति संगीत संध्या होगी। वहीं, 19 अक्तूबर को रात 10 बजे मनुज देवावत की स्मृति में विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
मां शाकंभरी मंदिर में घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू
सांभर। विश्वप्रसिद्ध सांभर नमक झील के मध्य स्थित शक्तिपीठ और चौहान वंश की कुलदेवी मां शाकंभरी माता मंदिर में रविवार को घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। नवरात्र के अवसर पर माता के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
नौ दिनों तक होगा माता का विशेष शृंगार
माता शाकंभरी मंदिर प्रबंधन न्यास के अध्यक्ष कुलदीप व्यास ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक माता शाकंभरी का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों और विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहेगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
जात-जडूले और सवामणी के लिए पहुंचेंगे श्रद्धालु
शारदीय नवरात्र के दौरान मां शाकंभरी के दरबार में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिलती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जात-जडूले चढ़ाने और सवामणी का आयोजन करने के लिए मंदिर पहुंचेंगे। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से निशुल्क ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि दर्शन और धार्मिक आयोजनों के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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पांच कतारों में दर्शन, सुरक्षा के लिए 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
नवरात्र के दौरान देशनोक में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र में 150 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा छह पुलिस मोबाइल पार्टियां भी लगाई गई हैं, जो पूरे क्षेत्र में लगातार गश्त करेंगी। ये टीमें मंदिर आने-जाने वाले प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देंगी।
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करणी सागर मैदान में पार्किंग की व्यवस्था
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए करणी सागर मैदान निर्धारित किया गया है। श्रद्धालुओं की सहायता और मार्गदर्शन के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से 250 से अधिक सेवादार तैनात किए गए हैं। ये सेवादार श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन करवाने और भीड़ नियंत्रित करने में पुलिस का सहयोग करेंगे। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में टेंट, पेयजल, चिकित्सा सुविधा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
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घट स्थापना का मुहूर्त, 18 अक्तूबर को मां करणी का जन्मोत्सव
शारदीय नवरात्र का पर्व 11 अक्तूबर, रविवार को घट स्थापना के साथ शुरू होगा। पंडित नरोत्तम दास मिश्रा के सान्निध्य में सुबह 9:32 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर घट स्थापना की जाएगी। इसी शुभ मुहूर्त में श्रद्धालु अपने घरों में भी घट स्थापना करेंगे। नवरात्र उत्सव का प्रमुख आकर्षण 18 अक्तूबर को मनाया जाने वाला मां करणी का जन्मोत्सव होगा। इस अवसर पर देशनोक शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
संगीत संध्या और कवि सम्मेलन भी होंगे
जन्मोत्सव के कार्यक्रमों की श्रृंखला में 17 अक्तूबर को दोपहर 2 बजे करणी महाई पैलेस में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 18 अक्तूबर को रात 10 बजे मुख्य मंदिर के सामने स्थित प्रांगण में करणी भक्ति संगीत संध्या होगी। वहीं, 19 अक्तूबर को रात 10 बजे मनुज देवावत की स्मृति में विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
मां शाकंभरी मंदिर में घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरू
सांभर। विश्वप्रसिद्ध सांभर नमक झील के मध्य स्थित शक्तिपीठ और चौहान वंश की कुलदेवी मां शाकंभरी माता मंदिर में रविवार को घट स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू हुए। नवरात्र के अवसर पर माता के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
नौ दिनों तक होगा माता का विशेष शृंगार
माता शाकंभरी मंदिर प्रबंधन न्यास के अध्यक्ष कुलदीप व्यास ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक माता शाकंभरी का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों और विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहेगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
जात-जडूले और सवामणी के लिए पहुंचेंगे श्रद्धालु
शारदीय नवरात्र के दौरान मां शाकंभरी के दरबार में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिलती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जात-जडूले चढ़ाने और सवामणी का आयोजन करने के लिए मंदिर पहुंचेंगे। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से निशुल्क ठहरने, भोजन और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, ताकि दर्शन और धार्मिक आयोजनों के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।