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Jolly LLB-3: अक्षय कुमार की फिल्म  जॉली एलएलबी-3 पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित, फिल्म बनाने पर रोक जारी

Thu, 06 Mar 2025 11:19 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 06 Mar 2025 11:19 AM IST
सार

Jolly LLB-3: बार एसोसिएशन का कहना है कि फिल्म न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए, उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्म के दृश्यों की जांच के लिए जजों और वकीलों की एक कमेटी गठित की जाए। राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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Jolly LLB-3: Rajasthan High Court's decision reserved on Akshay Kumar's film Jolly LLB-3
राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Jolly LLB-3: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म जॉली एलएलबी-3 को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने अपना फैसल सुरक्षित रख लिया है। साथ ही फिल्म पर लगी रोक को भी बरकरार रखा है। फिल्म को लेकर अभिनेता अक्षय कुमार, अरशद वारसी और निर्देशक सुभाष कपूर समेत अन्य की ओर से रिवीजन याचिका दायर की गई थी। जिस पर सुनवाई के बाद  कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। ऐसे में जब तक हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक फिल्म बनाने पर लगी रोक जारी रहेगी।

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क्या है मामला?
दरअसल, अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रभान राठौड़ ने फिल्म जॉली एलएलबी-3 के खिलाफ याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि इस फिल्म के जरिए जजों और वकीलों की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। पहले रिलीज हुए जॉली एलएलबी फिल्म के दो भागों में भी न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया था। याचिका पर सुनवाई के बाद 2 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट बनाने पर रोक लगा दी थी।
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आशंका के आधार पर शूटिंग रोकना उचित नहीं है
फिल्म निर्माताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके अग्रवाल ने दलील दी कि कि किसी भी फिल्म के दृश्यों की जांच करने का अधिकार केवल सेंसर बोर्ड को है। अगर, किसी को आपत्ति हो तो सिनेमेटोग्राफी एक्ट के तहत रिवीजन और अपील का प्रावधान है। केवल आशंका के आधार पर फिल्म की शूटिंग रोकना उचित नहीं है, इसलिए अजमेर कोर्ट में दायर याचिका को खारिज किया जाए।
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बार एसोसिएशन ने क्या कहा?
बार एसोसिएशन का कहना है कि फिल्म न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए, उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्म के दृश्यों की जांच के लिए जजों और वकीलों की एक कमेटी गठित की जाए। राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट का आदेश आने तक फिल्म की शूटिंग नहीं हो सकेगी। फिलहाल, सभी को कोर्ट के आने वाले फैसले का इंतजार है। 
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