{"_id":"6987210b948cde9bb90137b4","slug":"jaipur-shri-khedapati-hanumanji-temple-declared-property-of-galta-tirtha-court-verdict-in-26-year-old-case-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaipur: गलता तीर्थ की संपत्ति घोषित हुआ श्रीखेड़ापति हनुमानजी का मंदिर, 26 साल पुराने केस में कोर्ट का फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaipur: गलता तीर्थ की संपत्ति घोषित हुआ श्रीखेड़ापति हनुमानजी का मंदिर, 26 साल पुराने केस में कोर्ट का फैसला
Sat, 07 Feb 2026 04:55 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Feb 2026 04:55 PM IST
सार
Jaipur: जयपुर के ऐतिहासिक श्रीखेड़ापति हनुमानजी मंदिर को लेकर 26 वर्षों से चला आ रहा विवाद में शनिवार को फागी कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मंदिर को गलता तीर्थ की संपत्ति घोषित करते हुए इसके प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी देवस्थान विभाग को सौंपने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
श्रीखेड़ापति हनुमानजी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जयपुर के प्रसिद्ध श्रीखेड़ापति हनुमानजी मंदिर को लेकर 26 साल पुराने मामले में फागी कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने मंदिर को गलता तीर्थ की संपत्ति मानते हुए इसके प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी देवस्थान विभाग को सौंपने का आदेश दिया।
विज्ञापन
मंदिर पर रहेगा प्रशासन का नियंत्रण
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) फागी की अदालत ने 4 फरवरी को किशनलाल एवं अन्य बनाम मंदिर ठिकाना गलता, सार्वजनिक न्यास और देवस्थान विभाग प्रकरण में यह फैसला सुनाया। अदालत के आदेश के बाद अब मंदिर से जुड़ा संपूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण सरकारी व्यवस्था के अधीन आ गया है।
विज्ञापन
जानें क्या है मामला?
यह विवाद नवंबर 1999 में शुरू हुआ था, जब मंदिर के स्वामित्व, प्रबंधन और पुजारी पद को लेकर मामला फागी कोर्ट में पहुंचा। वर्षों तक चली सुनवाई और साक्ष्य की पड़ताल के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि श्रीखेड़ापति हनुमानजी मंदिर गलता तीर्थ से संबंधित है और इसका संचालन व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि सार्वजनिक न्यास के नियमों के अनुसार होना चाहिए। अदालत ने वर्तमान पुजारी बालकिशन को पद से हटाने के निर्देश भी दिए हैं। अब मंदिर का संचालन, पूजा व्यवस्था और संपत्ति से होने वाली आय-व्यय का पूरा हिसाब-किताब देवस्थान विभाग करेगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बारातियों से भरी बस पलटी, जेसीबी की मदद से निकाले गए लोग, चार की मौत
हाईकोर्ट के फैसले तक लागू रहेगी वर्तमान व्यवस्था
अदालत ने आदेश दिया कि मंदिर और उससे जुड़ी सभी चल-अचल संपत्तियों का प्रबंधन पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे और मंदिर की आय का उपयोग धार्मिक एवं जनहित कार्यों में हो। हालांकि, इस मामले में हाईकोर्ट में अपील लंबित है। अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय तक वर्तमान व्यवस्था यथावत लागू रहेगी। यह फैसला गलता तीर्थ और देवस्थान विभाग के लिए कानूनी जीत माना जा रहा है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन