Rajasthan News: CJP के हंगामे के बाद सरकार का बड़ा फैसला, 1 सितंबर से बनेगा रंपुरा स्कूल का नया भवन
जयपुर के सांगानेर ब्लॉक स्थित रंपुरा (कंवरपुरा) राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण 1 सितंबर से शुरू होगा। राजस्थान सरकार ने इसके लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए हैं, जिसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) और 6 लाख रुपये विधायक निधि से दिए गए हैं।
विस्तार
राजस्थान के जयपुर में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सांगानेर ब्लॉक के रंपुरा (कंवरपुरा) स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण 1 सितंबर से शुरू होगा। यह वही स्कूल है, जो हाल ही में सीजेपी (Cockroach Janata Party) की ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम के दौरान टीम और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद चर्चा में आया था। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।
स्कूल भवन के लिए 18 लाख रुपये मंजूर
राज्य सरकार के मुताबिक, रंपुरा प्राथमिक स्कूल के नए भवन के निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें 13 अगस्त को जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से 12 लाख रुपये और विधायक निधि से 6 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने बताया कि नए भवन का निर्माण कार्य 1 सितंबर से शुरू किया जाएगा। यह घोषणा शनिवार देर रात उस घटना के बाद की गई, जब शुक्रवार को ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत गांव पहुंची सीजेपी की टीम का ग्रामीणों से विवाद हो गया था और टीम पर हमले का आरोप लगाया गया था।
CJP बोली- तत्काल मांग पूरी, लेकिन अभियान जारी रहेगा
सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी के सह-संस्थापक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि रंपुरा स्कूल को लेकर पार्टी की तत्काल मांग पूरी हो गई है, लेकिन सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर उनका अभियान जारी रहेगा।
रांका ने कहा कि सीजेपी की टीम वहां वोट मांगने नहीं गई थी, बल्कि स्कूल की हालत सुधारने की बात करने गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 सितंबर से काम शुरू करने की मंजूरी दे दी है, इसलिए स्कूल को लेकर उनकी 48 घंटे की चेतावनी का मुद्दा अब खत्म हो गया है।
हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि स्कूल का काम पहले क्यों शुरू नहीं किया जा सकता था। उन्होंने सीजेपी टीम के दौरे के दौरान हुई हिंसा को भी अनुचित बताया।
‘बच्चों के भविष्य की चिंता है तो स्कूलों की मरम्मत कराएं’
आशुतोष रांका ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है तो उसे सरकारी स्कूलों की मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीजेपी किसी से लड़ने नहीं आई है, लेकिन वह पीछे हटने या डरने वाली नहीं है।
रांका ने दावा किया कि रंपुरा स्कूल को लेकर सरकार का फैसला सीजेपी के अभियान के असर को दिखाता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकारी स्कूलों का दौरा जारी रखने और जरूरत पड़ने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की।
राजस्थान के स्कूलों की मरम्मत के लिए मांगी समयसीमा
सीजेपी प्रवक्ता ने सरकार से राजस्थान के सरकारी स्कूलों की मरम्मत को लेकर ठोस समयसीमा बताने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 3,000 स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, जबकि 611 स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं।
रांका ने स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार के रोडमैप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 मार्च को 12 हजार करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की थी और दावा किया कि इसके तहत काम पूरा करने की समयसीमा पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी गई है।
उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि पिछले छह महीने में कितने स्कूलों की मरम्मत की गई है और अगले एक साल में किन स्कूलों को इस योजना के तहत लिया जाना है।
पश्चिमी राजस्थान में भी स्कूलों का निरीक्षण करेगी CJP
रांका ने कहा कि सीजेपी की टीम अब पश्चिमी राजस्थान के स्कूलों का दौरा करेगी। उन्होंने बताया कि जोधपुर समेत पश्चिमी राजस्थान के अन्य इलाकों में सरकारी स्कूलों की स्थिति का निरीक्षण किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
तकनीकी जांच के बाद जर्जर घोषित हुआ था स्कूल
राज्य सरकार के अनुसार, रंपुरा स्कूल भवन को सितंबर 2025 में कराए गए तकनीकी सर्वे के बाद जर्जर घोषित किया गया था। इसके बाद भवन को इस्तेमाल से बाहर कर दिया गया था। सरकार ने बताया कि शुरुआत में स्कूल के बच्चों को पास के बीलवा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भेजने का प्रस्ताव था। हालांकि, ग्रामीणों ने बच्चों की कम उम्र और आने-जाने में होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। इसके बाद स्कूल की कक्षाएं एक पशु बाड़े में संचालित की जा रही थीं। वर्तमान में इस स्कूल में 18 विद्यार्थी और दो शिक्षक हैं।
स्कूल निरीक्षण के दौरान हुआ था विवाद
शुक्रवार को सीजेपी की टीम रंपुरा कंवरपुरा स्थित स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। इसी दौरान टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। सीजेपी ने आरोप लगाया था कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके सदस्यों पर हमला किया, जबकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाहर से आई टीम ने लोगों को धमकाया और गांव में हंगामा किया। घटना के बाद पुलिस ने शुक्रवार रात दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की। अब स्कूल भवन निर्माण शुरू होने के सरकार के फैसले के बाद इस विवाद में सीजेपी की तत्काल मांग पूरी हो गई है, लेकिन संगठन ने राजस्थान के अन्य सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अपना अभियान जारी रखने की बात कही है।