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Jaipur: व्हीकल लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाला गिरोह बेनकाब, 7500 का इनामी मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Sat, 09 May 2026 02:51 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Sat, 09 May 2026 02:51 PM IST
सार

Jaipur News: जयपुर पश्चिम पुलिस ने वाहन लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी कैलाश पूनिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी तरीके से लोन स्वीकृत कर राशि अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर करवाता था।

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Jaipur Police Bust Vehicle Loan Fraud Racket, Mastermind Kailash Poonia Arrested
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर पश्चिम पुलिस ने वाहन लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना और 7500 रुपये के इनामी आरोपी कैलाश चंद पूनिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था और राजस्थान से बाहर छिपकर रह रहा था।

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डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण ने बताया कि 3 फरवरी 2026 को जोबनेर निवासी महावीर सिंह नाथावत ने करधनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन की जरूरत होने पर वह करधनी स्थित यूएच फाइनेंशियल सर्विसेज डी मार्ट कार्यालय पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात सुभाष घासल, कैलाश पूनिया और आयुषी पारीक से हुई। आरोपियों ने लोन दिलाने का भरोसा देकर उससे बैंक के खाली चेक, दस्तावेज और कई फॉर्मों पर हस्ताक्षर करवा लिए।
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कुछ समय बाद आरोपियों ने सिविल स्कोर खराब बताकर आवेदन निरस्त होने की जानकारी दी और दस्तावेज लौटाने का आश्वासन दिया। बाद में परिवादी को आरएमके फिनकॉर्प प्राइवेट लिमिटेड से बकाया राशि वसूली का नोटिस मिला। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परिवादी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उसके नाम पर फर्जी तरीके से वाहन लोन उठाया था।
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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कैलाश पूनिया वाहन मालिकों के नाम पर विभिन्न एनबीएफसी कंपनियों से लोन स्वीकृत करवाकर राशि सीधे अपने परिचितों की फर्म यूएच फाइनेंस सर्विसेज के खातों में ट्रांसफर करवाता था। गिरोह अब तक 20 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

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आरोपी की तलाश के लिए एडीसीपी राजेश गुप्ता और एसीपी आलोक कुमार के सुपरविजन में करधनी थाना प्रभारी सवाई सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। लगातार तकनीकी और साइबर निगरानी के बाद पुलिस ने 8 मई 2026 को आरोपी कैलाश पूनिया को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ करधनी थाने में इसी तरह की धोखाधड़ी के छह मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वर्ष 2020 में वह विनायक फाइनेंस नाम से फर्म चलाता था और उस दौरान भी कई एनबीएफसी कंपनियों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।


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