फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur Medical Miracle Child Cured of Congenital Kidney Defect via Successful Robotic Surgery

जयपुर में बच्चे की रोबोटिक सर्जरी से सफल इलाज: एक किडनी में थीं दो मूत्र नलिकाएं, जन्मजात विकार से मिली राहत

Sat, 03 Oct 2026 09:23 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sat, 03 Oct 2026 09:23 AM IST
सार

जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने चार वर्षीय बच्चे के डुप्लेक्स यूरेटर का रोबोटिक सर्जरी से सफल उपचार किया। बच्चे की एक किडनी में जन्म से ही दो मूत्र नलिकाएं थीं।

विज्ञापन
Jaipur Medical Miracle Child Cured of Congenital Kidney Defect via Successful Robotic Surgery
संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल - फोटो : Social Media

विस्तार

जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल हॉस्पिटल में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने रोबोटिक तकनीक की सहायता से चार वर्षीय बच्चे का इलाज कर उसे जन्मजात किडनी विकार से राहत प्रदान की है। बच्चे को जन्म से ही किडनी से जुड़ी जटिल परेशानी थी, जिसका अब रोबोटिक प्रक्रिया के जरिए सफल समाधान किया गया है।

विज्ञापन


क्या बोले डॉक्टर?
हॉस्पिटल की मुख्य पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. सुनीता ओझा ने जानकारी दी कि चार वर्षीय मासूम बच्चे में एक किडनी के भीतर दो मूत्र नलिकाएं मौजूद थीं। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस विशिष्ट स्थिति को ‘डुप्लेक्स यूरेटर’ कहा जाता है। एनेस्थेटिस्ट डॉ. आशीष शाह और पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. सुनीता ओझा ने अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक का प्रयोग करते हुए इस ‘डुप्लेक्स यूरेटर’ की समस्या का पूर्ण रूप से उपचार किया है।
विज्ञापन

इस जटिल रोबोटिक सर्जरी के सफल होने से चार वर्षीय मासूम को जन्मजात किडनी विकार से राहत मिली है।

ये भी पढ़ें- राजस्थान: विश्वेंद्र सिंह के पास सिर्फ 7 दिन...नोटिस के बाद बढ़ा टकराव, क्या कांग्रेस में थमेगा विवाद?

विज्ञापन
विज्ञापन

जन्मजात किडनी विकार का सफल उपचार
एक ही किडनी में दो मूत्र नलिकाएं यानी ‘डुप्लेक्स यूरेटर’ होना एक जन्मजात किडनी विकार है। पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. सुनीता ओझा ने एनेस्थेटिस्ट डॉ. आशीष शाह के सहयोग से इस विकार को ठीक करने के लिए आधुनिक रोबोटिक शल्य प्रक्रिया को अपनाया। मासूम बच्चे की इस जटिल रोबोटिक सर्जरी को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अंजाम दिया गया है। इस सफल चिकित्सीय प्रक्रिया के बाद मासूम बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हुआ है तथा जन्मजात किडनी विकार का निवारण हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed