Jaipur: गुलाबी नगरी में पतंगबाजी की धूम, मोदी, अमित शाह, भजनलाल और गहलोत की तस्वीरों वाली पतंगें लड़ाएंगी पेंच
जयपुर में संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर खासा उत्साह है। शहर में जगह-जगह पतंगों की दुकानें सज गई हैं। बाजार में पतंग खरीदने के लिए मेले जैसा माहौल है। हालांकि ने सवेरे मौसम विभाग ने कल के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है लेकिन पतंगबाजों का उत्साह चरम पर है।
विस्तार
मकर संक्रांति को लेकर जयपुर में पतंगबाजी का अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। इस बार संक्रांति पर हवा का रुख पतंगबाजी के लिए अनुकूल रहेगा। हवा की गति 5 से 10 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने का अनुमान है और इसकी दिशा दक्षिण-पूर्व से पश्चिम की ओर रहेगी। हालांकि दिन में चार घंटे पतंगबाजी पर रोक रहेगी और एयरपोर्ट के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में पतंग और लालटेन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
मकर संक्रांति के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जयपुर के प्रमुख अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। एसएमएस अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर को पूरी तरह से तैयार रखा गया है। न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, प्लास्टिक सर्जरी और जनरल सर्जरी विभाग के डॉक्टर 24 घंटे सेवाएं देंगे। जयपुरिया हॉस्पिटल समेत अन्य अस्पतालों में भी डॉक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
हांडीपुरा का ऐतिहासिक पतंग बाजार
जयपुर का हांडीपुरा बाजार पतंगबाजी के लिए बेहद खास है। करीब 80 साल पुराने इस बाजार की शुरुआत महज तीन दुकानों से हुई थी, जो अब 100 से अधिक दुकानों में बदल चुका है। यहां सालभर पतंगें और मांझा बिकते हैं। मकर संक्रांति के समय यह बाजार मेले जैसा माहौल प्रस्तुत करता है। दिल्ली और बरेली से भी व्यापारी यहां पतंग और मांझा बेचने आते हैं।
अब्दुल गफ्फार अंसारी जो पिछले 50 वर्षों से इस बाजार का हिस्सा हैं, बताते हैं कि पहले यह बाजार मोमिनान मोहल्ले में लगता था। जयपुर की 80% पतंगों की बिक्री इसी बाजार से होती है और देशभर में यहीं से पतंगों की सप्लाई की जाती है।
मशहूर कलाकार अब्दुल गफूर खान अपनी राजनीतिक हस्तियों की तस्वीरों वाली पतंगों के लिए चर्चा में हैं। वे पिछले 40 सालों से यह काम कर रहे हैं। अटलबिहारी वाजपेयी, नरेंद्र मोदी, भजनलाल, दीया कुमारी, प्रेमचंद बैरवा, अशोक गहलोत, सचिन पायलट जैसे नेताओं की तस्वीरों वाली पतंगें बनाकर वे इन्हें भेंट करते हैं। गफूर का कहना है कि पतंगें और नेता दोनों ही हवा के रुख के अनुसार दिशा बदलते हैं।
20 करोड़ का व्यापार
गौरतलब है कि जयपुर में मकर संक्रांति के दौरान पतंगबाजी से लगभग 20 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। इधर चाइनीज मांझे के कारण बढ़ते हादसों को देखते हुए प्रशासन ने चाइनीज मांझा बेचने पर सख्ती बरतने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए हैं।
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