राजस्थान: 18 अक्टूबर की रैली से पहले शिवसिंह शेखावत की चेतावनी, बोले- बल प्रयोग हुआ तो पीछे नहीं हटेगा समाज
राष्ट्रीय करणी सेना अध्यक्ष शिवसिंह शेखावत ने 18 अक्टूबर 2026 को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में प्रस्तावित स्वर्ण समाज की रैली को लेकर सरकार को चेतावनी दी है। यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर होने वाली रैली में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया गया है।
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राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष शिवसिंह शेखावत ने 18 अक्टूबर 2026 को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में होने वाली स्वर्ण समाज की प्रस्तावित बड़ी रैली को लेकर सरकार को चेतावनी दी है। यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर होने वाली इस रैली में बड़ी संख्या में समाज के लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है। शेखावत ने कहा कि अगर रैली के दौरान आंदोलनकारियों पर वाटर कैनन या लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया तो हालात आमने-सामने के हो सकते हैं।
‘बल प्रयोग हुआ तो आंदोलनकारी भी पीछे नहीं हटेंगे’
शिवसिंह शेखावत ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि सरकार अगर आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल करती है तो आंदोलनकारी भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कानून हाथ में लेने की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास बातचीत करने और समाज की मांगों का समाधान निकालने का रास्ता है। लेकिन अगर आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया तो इसके परिणाम सरकार को भुगतने पड़ सकते हैं। शेखावत ने कहा कि समाज अब धीरे-धीरे एकजुट हो रहा है और अपनी मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है।
रैली में नेता, महिलाएं और बच्चे होंगे शामिल
शेखावत ने 18 अक्टूबर की रैली को स्वर्ण समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि रैली में समाज के नेता, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल मांगों को लेकर प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके जरिए समाज अपने भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसला भी करेगा। आने वाले समय में किस मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को समर्थन दिया जाए, इसे लेकर भी रैली के जरिए दिशा तय करने की बात शेखावत ने कही।
आंदोलन में जान गंवाने वाले युवक का मुद्दा उठाया
शिवसिंह शेखावत ने यूजीसी रोलबैक आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवक का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और नौकरी दिए जाने के दावों पर सवाल खड़े किए। शेखावत ने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवक का बलिदान पूरे समाज को याद रखना चाहिए। उन्होंने इस मामले में सरकार के दावों और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए।
‘बंटवारे और कम्फर्ट जोन के कारण कमजोर रहा समाज’
शेखावत ने कहा कि स्वर्ण समाज लंबे समय से आपसी बंटवारे और अपने-अपने ‘कम्फर्ट जोन’ में रहने के कारण कमजोर रहा है। हालांकि, अब समाज एक मंच पर आकर अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता आने वाले समय में उसकी राजनीतिक ताकत को भी तय करेगी। निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए शेखावत ने समाज के भीतर विरोध करने वालों को ‘जयचंद’ बताया और कहा कि ऐसे लोगों को भी जवाब दिया जाएगा। 18 अक्टूबर की प्रस्तावित रैली को लेकर शेखावत के इस बयान के बाद अब सरकार और प्रशासन के सामने भीड़ और कानून-व्यवस्था को लेकर चुनौती बढ़ सकती है। रैली में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के दावे के बीच प्रशासन की तैयारियों पर भी नजर रहेगी।