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जयपुर: आईटीआई में उद्योगों को मिलेगी 51% हिस्सेदारी, ट्रेनिंग से नौकरी तक बदलेगा पूरा मॉडल

Tue, 13 Oct 2026 03:56 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Tue, 13 Oct 2026 03:56 PM IST
सार

राजस्थान में पीएम-सेतु योजना के तहत सरकारी आईटीआई को उद्योगों से जोड़कर युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा। भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है, जबकि 11 अन्य क्लस्टर्स के लिए उद्योग भागीदारों की तलाश जारी है।

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English Headline: Rajasthan ITIs to Get Industry-Led Skill Training Under PM-SETU
मुख्यमंत्री राजस्थान भजनलाल शर्मा

विस्तार

राजस्थान के सरकारी आईटीआई में अब सिर्फ पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को तैयार करने पर भी जोर होगा। पीएम-सेतु योजना के तहत बनने वाले हब-स्पोक क्लस्टर्स में उद्योगों की अहम भूमिका रहेगी। क्लस्टर के संचालन के लिए गठित होने वाली कंपनी में एंकर इंडस्ट्री पार्टनर की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 24.5-24.5 फीसदी रहेगी। इस मॉडल का मकसद आईटीआई के प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरत, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ना है।

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राजस्थान में इस दिशा में भिवाड़ी क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये की रणनीतिक निवेश योजना को मंजूरी मिली है। इसके लिए केंद्र, राज्य सरकार और उद्योग भागीदार के बीच शेयर होल्डर एग्रीमेंट भी हो चुका है। राजस्थान इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला राज्य बना है। अब प्रदेश के बाकी 11 प्रस्तावित क्लस्टर्स के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव मांगे गए हैं।

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भिवाड़ी में पांच आईटीआई होंगे एक क्लस्टर का हिस्सा

भिवाड़ी क्लस्टर में राजकीय आईटीआई भिवाड़ी को हब बनाया जाएगा। अलवर, नीमराणा, तिजारा और किशनगढ़बास के सरकारी आईटीआई इससे स्पोक संस्थानों के रूप में जुड़ेंगे। हब में विकसित होने वाली स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और डिजिटल शिक्षण सामग्री का लाभ इन चारों संस्थानों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।

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इस क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड होगी। कंपनी का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र पर रहेगा। वहीं, एनसीआर से सटे क्षेत्र में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और इंजीनियरिंग से जुड़े पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को कक्षा में प्रशिक्षण के साथ काम के वास्तविक माहौल में अनुभव और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग देने की योजना है।


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11 क्लस्टर्स में उद्योग भागीदारों की तलाश

राज्य सरकार ने भिवाड़ी के अलावा जयपुर, जोधपुर, कोटा, भरतपुर, बांसवाड़ा, बालोतरा, बीकानेर, भीलवाड़ा, कोटपूतली, सीकर और पाली में प्रस्तावित क्लस्टर्स के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इन क्लस्टर्स में उद्योगों की भागीदारी तय होने के बाद प्रशिक्षण की दिशा स्थानीय औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप तैयार की जा सकेगी।

प्रस्तावित वित्तीय मॉडल के अनुसार, क्लस्टर की लागत में केंद्र सरकार करीब 50 फीसदी, राज्य सरकार 33 फीसदी और उद्योग जगत 17 फीसदी योगदान देगा। क्लस्टर के संचालन में उद्योग भागीदार की बहुमत हिस्सेदारी रहने से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने की व्यवस्था होगी।

एआई से इलेक्ट्रिक व्हीकल तक नए कौशल पर जोर

पीएम-सेतु योजना के तहत देशभर में 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 1,000 सरकारी आईटीआई को अपग्रेड किया जाना है। इनमें 200 हब और 800 स्पोक संस्थान शामिल होंगे। योजना के तहत राजस्थान के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 5जी नेटवर्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल, साइबर सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और कंस्ट्रक्शन ऑटोमेशन सहित 32 से अधिक नए पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण देने की योजना है।

 

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