{"_id":"642f85928baba21977019424","slug":"dr-bhagwat-reached-jaipur-to-inaugurate-national-service-association-2023-04-07","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: स्वावलंबी और समृद्ध भारत की गाथा का साक्षी बनेगा जयपुर, राष्ट्रीय सेवा संगम के लिए पहुंचे डॉ. भागवत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: स्वावलंबी और समृद्ध भारत की गाथा का साक्षी बनेगा जयपुर, राष्ट्रीय सेवा संगम के लिए पहुंचे डॉ. भागवत
Fri, 07 Apr 2023 12:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 07 Apr 2023 12:41 PM IST
सार
जयपुर में केशव विद्यापीठ जामड़ोली में राष्ट्रीय सेवा भारती के तीसरे सेवा संगम का डॉक्टर भागवत आज करेंगे शुभारंभ।
विज्ञापन
राष्ट्रीय सेवा संगम के लिए जयपुर पहुंचे डॉ. भागवत
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय सेवा भारती के तीसरे सेवा संगम का शुभारंभ के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत गुरुवार रात जयपुर पहुंचे। डॉक्टर भागवत आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन से रात सवा आठ बजे जयपुर रेलवे स्टेशन पर उतरे। इस दौरान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम व अन्य ने भागवत का स्वागत किया। डॉक्टर भागवत आज सुबह जयपुर में केशव विद्यापीठ जामड़ोली में सेवा भारती के तीसरे राष्ट्रीय सेवा संगम का उद्घाटन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले गुरुवार को सेवा संगम परिसर में एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जिसका उदघाटन विश्व जाग्रति मिशन के संस्थापक आचार्य सुधांशु महाराज ने किया। सेवा संगम में देशभर से आए और शिक्षा, स्वास्थ्य और भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए कार्य कर रही विभिन्न संस्थाओं ने अपने सेवा कार्यों को स्टॉलों पर प्रदर्शित किया। राष्ट्रीय सेवा भारती की महासचिव रेणु पाठक प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि 07 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे सरसघंचालक डॉ. मोहनराव भागवत सेवा संगम का उद्घाटन करेंगे। भागवत द्वारा उद्बोधन होगा। पीरामल समूह मुंबई के चेयरमैन अजय पीरामल बतौर मुख्य अतिथि रहेंगे। राष्ट्रीय संत बालयोगी उमेशनाथ महाराज प्रतिनिधियों को आर्शीवचन देंगे।
विज्ञापन
सेवा भारती की महासचिव रेणु पाठक ने बताया कि “नर सेवा नारायण सेवा के ध्येय वाक्य के साथ बीस वर्षों से वंचित, पीड़ित, उपेक्षित और अभावग्रस्त बंधुओं के उत्थान में जुटे सेवा भारती का यह तृतीय महासंगम होगा। समाज में प्रगति करने के लिए पूरे देश में अथक परिश्रम करने वाले स्वयंसेवकों की सफलता की सौ कहानियां यहां सबको बताई जाएंगी।”
सेवा संगम परिसर में एक प्रदर्शनी का आयोजन
- फोटो : Amar Ujala Digital
शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन पर विचार विमर्श होगा
सेवा संगम में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक विषयों पर विचार विमर्श होगा। सेवा संगम का मुख्य और निहित उद्देश्य सेवा भारती से जुड़े स्वैच्छिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों के बीच तालमेल स्थापित करके एक सामंजस्यपूर्ण, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज और समृद्ध भारत का निर्माण करना है। साथ ही स्वयंसेवकों, महिलाओं का उत्साहवर्धन करना और भारत को सुपोषित बनाना भी एक उद्देश्य है।
यह तीसरा सेवा संगम
सेवा संगम में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, सामाजिक क्षेत्र में किए गए श्रेष्ठ कार्यों की प्रदर्शनी के माध्यम से प्रतिनिधियों को प्रेरित किया जा रहा है। सेवा भारती का पहला सेवा संगम वर्ष 2010 में बंगलूरू में आयोजित किया गया था। इसका ध्येय वाक्य ‘परिवर्तन’ था। इसमें 980 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। वर्ष 2015 में दूसरा सेवा संगम नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ जिसका ध्येय वाक्य ‘समरस भारत, समर्थ भारत’ रहा। इसमें 3500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अब यह तीसरा सेवा संगम हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, उद्यमी नरसीराम कुलारिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश भैया जोशी, सह सरकार्यवाह मुकुंद सीआर, स्वामी माधवानन्द विश्व शान्ति परिषद् के संस्थापक विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानन्द, विश्व जाग्रति मिशन के संस्थापक आचार्य सुधांशु महाराज, राजसमंद से संसद सदस्य दिया कुमारी और उद्यमी अशोक बागला उपस्थित रहेंगे।
दोपहर 2:30 बजे से स्वावलंबी मातृशक्ति, किशोरी विकास, ग्राम विकास, वोकल फॉर लोकल, आपदा प्रबंधन संबंधी सफलता की कहानियों का प्रदर्शन होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने वाले प्रतिनिधियों के साक्षात्कार भी होंगे।
सेवा भारती 43045 सेवा परियोजनाओं द्वारा समाज को सशक्त, समरस बना एकता के सूत्र में बांधने के लिए प्रयासरत है। देश के 117 जिलों में 12187 स्वयं सहायता समूह संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 120000 सदस्य हैं। इन समूहों में 2451 समूह स्वावलंबन के कार्यों में सक्रिय हैं। देश के 55 जिलों में स्वयं सहायता समूह वैभवश्री रचना में संचालित हो रहे हैं जिनमें 27494 सदस्य हैं।
सेवा संगम में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक विषयों पर विचार विमर्श होगा। सेवा संगम का मुख्य और निहित उद्देश्य सेवा भारती से जुड़े स्वैच्छिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों के बीच तालमेल स्थापित करके एक सामंजस्यपूर्ण, सक्षम और आत्मनिर्भर समाज और समृद्ध भारत का निर्माण करना है। साथ ही स्वयंसेवकों, महिलाओं का उत्साहवर्धन करना और भारत को सुपोषित बनाना भी एक उद्देश्य है।
यह तीसरा सेवा संगम
सेवा संगम में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, सामाजिक क्षेत्र में किए गए श्रेष्ठ कार्यों की प्रदर्शनी के माध्यम से प्रतिनिधियों को प्रेरित किया जा रहा है। सेवा भारती का पहला सेवा संगम वर्ष 2010 में बंगलूरू में आयोजित किया गया था। इसका ध्येय वाक्य ‘परिवर्तन’ था। इसमें 980 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। वर्ष 2015 में दूसरा सेवा संगम नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ जिसका ध्येय वाक्य ‘समरस भारत, समर्थ भारत’ रहा। इसमें 3500 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अब यह तीसरा सेवा संगम हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, उद्यमी नरसीराम कुलारिया, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश भैया जोशी, सह सरकार्यवाह मुकुंद सीआर, स्वामी माधवानन्द विश्व शान्ति परिषद् के संस्थापक विश्वगुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानन्द, विश्व जाग्रति मिशन के संस्थापक आचार्य सुधांशु महाराज, राजसमंद से संसद सदस्य दिया कुमारी और उद्यमी अशोक बागला उपस्थित रहेंगे।
दोपहर 2:30 बजे से स्वावलंबी मातृशक्ति, किशोरी विकास, ग्राम विकास, वोकल फॉर लोकल, आपदा प्रबंधन संबंधी सफलता की कहानियों का प्रदर्शन होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने वाले प्रतिनिधियों के साक्षात्कार भी होंगे।
सेवा भारती 43045 सेवा परियोजनाओं द्वारा समाज को सशक्त, समरस बना एकता के सूत्र में बांधने के लिए प्रयासरत है। देश के 117 जिलों में 12187 स्वयं सहायता समूह संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 120000 सदस्य हैं। इन समूहों में 2451 समूह स्वावलंबन के कार्यों में सक्रिय हैं। देश के 55 जिलों में स्वयं सहायता समूह वैभवश्री रचना में संचालित हो रहे हैं जिनमें 27494 सदस्य हैं।