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Rajasthan: कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 पर महासंघ ने दी प्रतिक्रिया, कहा- 'संचालकों के लिए राहत की बात'; जानें
Tue, 25 Mar 2025 02:17 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 25 Mar 2025 02:17 PM IST
सार
Rajasthan: कोचिंग महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस बार विधेयक का पारित न होना कोचिंग संचालकों के लिए राहत की बात है। इससे उन्हें जटिल बिंदुओं को समाप्त कर इसे व्यवहारिक बनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
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राजस्थान विधानसभा
- फोटो : फेसबुक
विस्तार
राजस्थान विधानसभा में राजस्थान कोचिंग सेंटर विधेयक 2025 को प्रवर समिति को भेजे जाने पर ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने राहत जताई है। महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बार विधेयक का पारित न होना कोचिंग संचालकों के लिए राहत की बात है। इससे उन्हें जटिल बिंदुओं को समाप्त कर इसे व्यवहारिक बनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
आरसी शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि कुछ बिंदु उनकी मांग के अनुसार बदले गए हैं और नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं। हालांकि, वे अब भी इसे छात्रों और कोचिंग संचालकों के लिए और अधिक सरल और सौहार्दपूर्ण बनाने की गुंजाइश मानते हैं। महासंघ जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर आवश्यक संशोधनों की मांग करेगा।
पेपर लीक और आत्महत्या के मुद्दों पर चिंता
प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने दावा किया कि महासंघ ने हमेशा पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने के लिए गाइडलाइन जारी करने की मांग की थी। उन्होंने अफसोस जताया कि पूरे विधेयक में न तो 'पेपर लीक' शब्द का जिक्र है और न ही 'आत्महत्या' का। उन्होंने कहा कि जितने भी छात्रों ने आत्महत्या की है, उनमें 90% मामलों में कारण अभिभावकों द्वारा बनाए गए दबाव को बताया गया है। कई आत्महत्या करने वाले छात्रों ने अपने सुसाइड नोट में भी इसका उल्लेख किया है। नाडार ने कहा कि कोचिंग संचालकों को आत्महत्या के लिए दोषी ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विधेयक में पेपर लीक और आत्महत्या के प्रमुख कारणों को इंगित करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है।
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पढ़ें: विश्व क्षय रोग दिवस पर निकाली गई जागरूकता रैली, 73 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलेंगे
महासंघ के प्रदेश महासचिव अजय अग्रवाल ने कहा कि वे इस मामले में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात करेंगे। वे विधेयक में सकारात्मक बदलाव लाने और इसे सरल बनाने की मांग करेंगे। इसके साथ ही महासंघ ने राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सिराज खान, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. किरण और सभी जिला अध्यक्षों को शामिल करते हुए एक प्रतिनिधि मंडल गठित करने की घोषणा की है। यह मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर हर जिले की कोचिंग संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को सामने रखेगा।
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आरसी शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि कुछ बिंदु उनकी मांग के अनुसार बदले गए हैं और नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं। हालांकि, वे अब भी इसे छात्रों और कोचिंग संचालकों के लिए और अधिक सरल और सौहार्दपूर्ण बनाने की गुंजाइश मानते हैं। महासंघ जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर आवश्यक संशोधनों की मांग करेगा।
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पेपर लीक और आत्महत्या के मुद्दों पर चिंता
प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार ने दावा किया कि महासंघ ने हमेशा पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने के लिए गाइडलाइन जारी करने की मांग की थी। उन्होंने अफसोस जताया कि पूरे विधेयक में न तो 'पेपर लीक' शब्द का जिक्र है और न ही 'आत्महत्या' का। उन्होंने कहा कि जितने भी छात्रों ने आत्महत्या की है, उनमें 90% मामलों में कारण अभिभावकों द्वारा बनाए गए दबाव को बताया गया है। कई आत्महत्या करने वाले छात्रों ने अपने सुसाइड नोट में भी इसका उल्लेख किया है। नाडार ने कहा कि कोचिंग संचालकों को आत्महत्या के लिए दोषी ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विधेयक में पेपर लीक और आत्महत्या के प्रमुख कारणों को इंगित करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की है।
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलेंगे
महासंघ के प्रदेश महासचिव अजय अग्रवाल ने कहा कि वे इस मामले में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात करेंगे। वे विधेयक में सकारात्मक बदलाव लाने और इसे सरल बनाने की मांग करेंगे। इसके साथ ही महासंघ ने राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सिराज खान, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. किरण और सभी जिला अध्यक्षों को शामिल करते हुए एक प्रतिनिधि मंडल गठित करने की घोषणा की है। यह मंडल मुख्यमंत्री से मिलकर हर जिले की कोचिंग संस्थानों से जुड़ी समस्याओं को सामने रखेगा।