{"_id":"6a0d3c1703987244a900e525","slug":"cag-report-exposes-financial-mismanagement-of-rajasthan-government-tikaram-jully-jaipur-news-c-1-1-noi1422-4302308-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaipur News: CAG रिपोर्ट से गरमाई सियासत, टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर लगाए वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaipur News: CAG रिपोर्ट से गरमाई सियासत, टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर लगाए वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप
Wed, 20 May 2026 10:29 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 10:29 PM IST
सार
CAG रिपोर्ट सामने आने के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि सरकार विकास बजट खर्च करने में पिछड़ रही है लेकिन कर्ज लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर भाजपा सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लगातार उठाए जा रहे मुद्दों पर अब CAG रिपोर्ट ने भी मुहर लगा दी है। जूली ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विकास कार्यों में पिछड़ रही है, जबकि कर्ज लेने में नए रिकॉर्ड बना रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस शासन और वर्तमान सरकार की तुलना कर विकास के दावे किए जा रहे थे लेकिन वास्तविक स्थिति अब सामने आ चुकी है। जूली के अनुसार राजस्थान पूंजीगत खर्च यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर के मामले में देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल हो गया है। भाजपा सरकार अपने विकास बजट का केवल 51.82 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च कर पाई है, जिससे अस्पताल, सड़क और स्कूल जैसे बुनियादी ढांचे के विकास पर असर पड़ा है।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकास कार्यों में कमी का सीधा असर रोजगार पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्माण कार्य ही नहीं होंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे पैदा होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट अनुमान से 65 प्रतिशत अधिक यानी करीब 71,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, जो प्रदेश की आर्थिक स्थिति के लिए चिंताजनक संकेत है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Ajmer News: महिला कांस्टेबल से दुष्कर्म का आरोपी सिपाही बर्खास्त, एसपी ने 25 हजार का इनाम किया घोषित
जूली ने कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वे राज्य विकास खर्च में आगे हैं, जबकि राजस्थान कर्ज के बोझ में दबता जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति जनता के सामने रखने के लिए श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
उन्होंने फरवरी में विधानसभा के बजट सत्र में उठाए गए मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में कैपिटल आउटले के लिए 53,686 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे संशोधित अनुमान में घटाकर 38,288 करोड़ रुपये कर दिया गया। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजकोषीय घाटा कम दिखाने के लिए विकास कार्यों में करीब 28 प्रतिशत की कटौती की। उन्होंने चेतावनी दी कि पूंजीगत खर्च में कमी से भविष्य की आधारभूत परिसंपत्तियों का निर्माण प्रभावित होगा और इसका असर लंबे समय तक प्रदेश को भुगतना पड़ेगा।