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Jaipur: हाईकोर्ट के बाद सरकार से भी मेयर मुनेश गुर्जर को राहत; स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबन आदेश किया निरस्त

Sat, 02 Sep 2023 11:52 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 02 Sep 2023 11:52 AM IST
सार

राहत मिलते ही जयपुर की सिविल लाइंस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर. आर. तिवाड़ी को मुनेश गुर्जर ने अपना आवेदन पत्र दिया है।

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Autonomous Government Department canceled the suspension order of Jaipur Mayor Munesh Gurjar
जयपुर मेयर मुनेश गुर्जर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जयपुर हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर को हाईकोर्ट के बाद अब प्रदेश की गहलोत सरकार ने भी बड़ी राहत दे दी है। स्वायत्त शासन विभाग ने 26 दिन बाद अपने ही फैसले को पलटते हुए मेयर मुनेश गुर्जर के निलंबन को वापस ले लिया है। 

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मेयर मुनेश गुर्जर को पांच अगस्त को निलंबित किया गया था। अब उनकी निलंबन वापसी के पीछे पीएचईडी मंत्री महेश जोशी और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर.आर. तिवाड़ी की अहम भूमिका मानी जा रही है। मकान के पट्टों के बदले घूस लेने के आरोप में मेयर के पति सुशील गुर्जर और दो दलालों की गिरफ्तारी के बाद पांच अगस्त को मेयर को सरकार ने निलंबित कर दिया था। राजस्थान हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद मुनेश गुर्जर ने 23 अगस्त को फिर से महापौर की कुर्सी संभाल ली थी, लेकिन उसी दिन महापौर को डीएलबी ने दो नोटिस जारी किए थे।
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स्वायत्त शासन विभाग ने अपना आदेश पलटा
अब मेयर को राहत देते हुए स्वायत्त शासन विभाग ने जो आदेश जारी किया है, उसमें लिखा है कि हाईकोर्ट ने 23 अगस्त को मेयर के निलंबन पर रोक लगा दी थी। स्टे होने के कारण राज्य सरकार उनके निलंबन आदेश को वापस लेती है।
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मेयर ने सीएम तक पहुंचाई मंत्री-विधायकों के सिफारिशी कामों की लिस्ट
निलंबन आदेश निरस्त होने के साथ ही मेयर मुनेश गुर्जर को नगर निगम में कार्य करने की स्वतंत्र अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा है मंत्री- विधायकों की ओर से करवाए गए सिफारिश वाले कामों की लिस्ट भी मेयर ने मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी। जिसके उजागर होने पर सियासी बवाल होना तय था। पट्टे और निर्माण स्वीकृति जैसे सभी 1400 कार्यों की लिस्ट बताई जा रही है।जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक जब यह पूरा मामला पहुंचा, तो निलंबन निरस्त करने का निर्णय लिया गया। मुनेश गुर्जर ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उनकी व्यक्तिगत मुलाकात नहीं हो सकी। बताया जा रहा है शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर.आर. तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात कर सियासी घटनाक्रम की जानकारी दी। मंत्री महेश जोशी ने भी अपना फीडबैक दिया। जानकारी के मुताबिक यह भी बताया गया कि विरोधी गुट की ओर से षड्यंत्र रचा जा रहा है। इससे कांग्रेस का बड़ा नुकसान हो सकता है। यह भी माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने विवाद से बचने और गुर्जर समाज को साधने के लिए भी यह फैसला लिया है, क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले मेयर को निलंबित रखने पर गलत मैसेज जाता। सियासी नफा- नुकसान को देखते हुए महापौर और उप महापौर को बरकरार रखने का फैसला लिया गया है।

मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और उनके समर्थकों ने खोल रखा था मेयर के खिलाफ मोर्चा
इस पूरे घटनाक्रम को कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और उनके खेमे के नेताओं के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया में बयानों के ज़रिए लगातार इस मुद्दे को उठाया हुआ था। उनके समर्थक विधायक रफीक खान और अमीन कागज़ी भी इस आदेश से हैरत में हैं। खाचरियावास समर्थक मनोज मुद्गल समेत कई पार्षद भी मुनेश गुर्जर के मामले में एक्शन की बात कह चुके थे, लेकिन मेयर की बहाली का आदेश उनके लिए बड़ा सियासी झटका है।

क्या है पूरा मामला?
हाईकोर्ट ने मेयर मुनेश के निलंबन पर 23 अगस्त को रोक लगा दी थी। 24 अगस्त को मुनेश गुर्जर ने फिर से मेयर का पदभार संभाल लिया था, लेकिन कांग्रेस के 37 पार्षदों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा था, जो लगातार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर उन्हें बर्खास्त करने के साथ गिरफ्तार कराने की मांग सीएम से कर रहे थे। इन पार्षदों में मनोज मुद्गल, पुष्पेंद्र मीणा, नरेश कुमार नागर, नसीम बानो, मोहम्मद जकरिया, मोहम्मद फरीद कुरैशी, सुमित्रा देवी, अरविंद मेठी, कमलेश कंवर, आरिफ खान, दशरथ सिंह, उत्तम शर्मा, फारूक, अकबर पठान, मोहम्मद शफीक, मोहम्मद अयूब, सोहेल मंसूरी, मोहम्मद शोएब, रेशमा बेगम कुरेशी, सुशीला देवी, मोहम्मद अहसान कुरेशी, अजहरुद्दीन, उमेश शर्मा, संतोष, ज्योति चौहान, रश्मि गुजराती, सुनीता शेखावत, नसरीन बानो, सावित्री, सुनीता मावर, राबिया बहन गुडेज, असमा, नीरज अग्रवाल, पारस जैन, विजेंद्र तिवारी, फिरोज खान और हरमेंद्र खोवाल शामिल थे। पार्षद मोहम्मद अहसान कुरेशी, राबिया गुडएज, नसीम बानो, अकबर पठान समेत पांच निर्दलीय पार्षद भी इनमें शामिल थे। 


मेयर मांग रहीं सिविल लाइंस से विधानसभा का टिकट 
दूसरी तरफ मेयर मुनेश गुर्जर ने अपनी ही पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रखा है। जयपुर की सिविल लाइंस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर. आर. तिवाड़ी को मुनेश गुर्जर ने अपना आवेदन पत्र दिया है। एसीबी छापेमारी में चार अगस्त को मेयर मुनेश गुर्जर के घर छापा पड़ा था। उनके पति सुशील गुर्जर और दो दलालों को एसीबी ने उस दिन अलग अलग जगह से गिरफ्तार किया था। सुशील गुर्जर पर पट्टे जारी करने की एवज में दो लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप था। मेयर के घर पर छापे और सर्च में 40 लाख रुपये कैश बरामद हुए थे। जिसे सुशील गुर्जर ने प्लाट बेचने से प्राप्त हुई रकम बताया था, जबकि एक दलाल के घर भी आठ लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। मेयर मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर और दो दलाल तभी से पुलिस हिरासत में चल रहे हैं।

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