राजस्थान: आसाराम की पैरोल पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, याचिका का निस्तारण कर कहा- अब किसी निर्देश की जरूरत नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की पैरोल से जुड़ी याचिका का निस्तारण कर दिया है। न्यायमूर्ति डॉ. नूपुर भाटी और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि पैरोल को लेकर अदालत के पहले दिए गए आदेश का पालन हो चुका है।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की पैरोल से जुड़ी याचिका का निस्तारण कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पैरोल को लेकर पहले दिए गए आदेश का पालन हो चुका है और अब इस मामले में किसी अन्य निर्देश की आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति डॉ. नूपुर भाटी और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश अनुपालना रिपोर्ट और कार्यालय आदेश का अवलोकन करने के बाद यह फैसला सुनाया।
सरकार ने अदालत में पेश की अनुपालना रिपोर्ट
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित वकील ने अदालत में अनुपालना रिपोर्ट के साथ 28 अक्तूबर को जारी कार्यालय आदेश पेश किया। दस्तावेजों के अनुसार, हाईकोर्ट ने 3 अगस्त को आसाराम को पैरोल देने के निर्देश दिए थे। इसके तहत उन्हें 8 अक्तूबर को 20 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। पैरोल की अवधि 27 अक्तूबर को शाम 5 बजे समाप्त होनी थी। हालांकि, आसाराम को तय समय पर वापस लौटकर आत्मसमर्पण करना था, लेकिन उन्होंने निर्धारित तारीख के बजाय एक दिन की देरी से 28 अक्तूबर की सुबह आत्मसमर्पण किया।
20 दिन की पैरोल का पूरा लाभ मिलने की दी जानकारी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि आसाराम को 20 दिन की पैरोल का पूरा लाभ मिल चुका है और वह अब वापस सेंट्रल जेल पहुंच चुके हैं। सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि याचिका में जिन निर्देशों की मांग की गई थी, उनका पालन पूरा हो चुका है। ऐसे में अब यह मामला निष्प्रभावी हो गया है और इस पर किसी नए आदेश की जरूरत नहीं है।
हाईकोर्ट ने याचिका का किया निस्तारण
खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश दस्तावेजों का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि आसाराम ने तय तारीख से एक दिन बाद आत्मसमर्पण किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें 20 दिन की पैरोल का पूरा लाभ मिल चुका है। पीठ ने इसे अपने पहले के आदेश का पर्याप्त अनुपालन मानते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब इस मामले में किसी अन्य निर्देश की आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट आसाराम की पैरोल अवधि बढ़ाने की याचिका खारिज कर चुका है।