फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Announcement of three new districts Malpura, Sujangarh and Kuchaman City; Rajasthan will have 53 districts

Rajasthan 3 New Districts: तीन नए जिलों मालपुरा, सुजानगढ़ और कुचामन सिटी की घोषणा; 53 जिलों का होगा राजस्थान

Sat, 07 Oct 2023 10:42 AM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 07 Oct 2023 10:42 AM IST
सार

Rajasthan New Districts: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार प्रदेश में तीन नए जिलों मालपुरा, कुचामन सिटी और सुजानगढ़ की घोषणा की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने गौशालाओं में नंदियों को रखे जाने और उन्हें 12 माह का अनुदान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गौशालाओं को भी 12 माह का अनुदान देने का प्रावधान किया जाएगा और चारागाह माफियाओं पर भी अंकुश लगाया जाएगा।

विज्ञापन
Announcement of three new districts Malpura, Sujangarh and Kuchaman City; Rajasthan will have 53 districts
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम अशोक गहलोत ने आमजन की मांग और उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा के अनुसार प्रदेश में तीन नए जिलों मालपुरा, कुचामन सिटी और सुजानगढ़ की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि आगे भी उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों पर सीमांकन सहित विभिन्न परेशानियों को दूर किया जा सकेगा। राजस्थान अब 50 से बढ़कर 53 जिलों का होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गोवंश का हमारी संस्कृति और समाज में प्राचीन काल से महत्व रहा है। प्रदेश में अनेक त्यौहार गोवंश पर केंद्रित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में गोवंश संरक्षण के लिए गोपालन विभाग बनाया और राजस्थान गोसेवा आयोग का पुनर्गठन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौशालाओं की स्थापना, सहायता और विकास में हर संभव सहयोग किया जा रहा है।

विज्ञापन


गौशालाओं को 12 माह का अनुदान देने का प्रावधान किया जाएगा
मुख्यमंत्री गहलोत शुक्रवार को जयपुर के मानसरोवर में गो सेवा समिति द्वारा आयोजित गो सेवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवा ही धर्म और सेवा ही कर्म के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। हम कोई भी योजना और कार्यक्रम का संचालन आमजन के रचनात्मक सुझावों के आधार पर करते हैं। राजस्थान गोसेवा समिति के सुझावों पर भी राज्य सरकार अवश्य ही ध्यान देगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गौ पूजन किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान गौशालाओं में नंदियों को रखे जाने और उन्हें 12 माह का अनुदान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गौशालाओं को भी 12 माह का अनुदान देने का प्रावधान किया जाएगा और चारागाह माफियाओं पर भी अंकुश लगाया जाएगा। गहलोत ने कहा कि 2030 तक राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाने के लिए मिशन 2030 के तहत 3.32 करोड़ सुझावों के आधार पर विजन डॉक्यूमेंट जारी किया जा चुका है।
विज्ञापन




‘पूरी पारदर्शिता और सुगमता से दी जा रही आर्थिक सहायता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौशालाओं को दी जाने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं को भरण-पोषण हेतु पात्रता की शर्त दो वर्ष पूर्व के पंजीयन के स्थान पर एक वर्ष का पंजीयन और न्यूनतम दो सौ गोवंश के स्थान पर सौ गोवंश किया गया है। गहलोत ने कहा कि गौशालाओं को दी जाने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया का सरलीकरण करके कांटा पर्ची और प्रतिमाह भौतिक सर्वेक्षण की बाध्यता को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त और पंजीकृत गौशालाओं के लिए निर्धारित घरेलू दर के ऊर्जा प्रभार का 50 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन करने का निर्णय किया गया है। गौशालाओं को गोवंश पालन के लिए बीते साढ़े चार वर्षों में लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। चारे की बढ़ती दरों और गौशालाओं की मांग पर भरण-पोषण के लिए सहायता राशि छह माह से बढ़ाकर नौ माह कर दी गई। गौशालाओं में अपाहिज और अंधे गोवंश के लिए वर्ष भर भरण-पोषण अनुदान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘नंदीशालाओं को 12 माह दिया जा रहा अनुदान’
गहलोत ने कहा कि प्रत्येक पंचायत समिति में 1.57 करोड़ रुपये की लागत की पंचायत समिति स्तरीय नंदीशाला खोलने के लिए 651.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि नंदीशालाएं खुलने से सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित और आवारा गोवंश की समस्या का समाधान हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नंदीशालाओं में देय अनुदान को नौ माह से बढ़ाकर 12 माह कर दिया गया। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में आधारभूत सरंचना के लिए 221 गौशालाओं को 16.86 करोड़ रुपये स्वीकृत कर आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करवाया गया।

‘गो सेवा समिति ने किया सराहनीय कार्य’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान गो सेवा समिति से प्रदेश में गौ माता की सेवा के लिए नीतियां बनाने और निराश्रित, भूखी-प्यासी और पीड़ित गायों का संरक्षण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 से पहले प्रदेश में 1,100 गौशालाओं में तीन लाख गौ माता की सेवा होती थी। वर्तमान में 3,200 गौशालाओं में 13 लाख से अधिक गौ माता की सेवा हो रही है। सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में गौ सेवा के लिए जितना कार्य हुआ है, उतना पूरे देश में कहीं किसी राज्य में नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार के इन्हीं कार्यों से प्रेरणा लेकर अन्य प्रदेश भी कार्य करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।

‘पशुपालकों को दिया जा रहा सामाजिक और आर्थिक संबल’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में कृषि के बाद सामाजिक-आर्थिक विकास का दूसरा महत्वपूर्ण आधार पशुपालन ही है। पशुपालकों की दूध से आय बढ़ाने के लिए पूरा तंत्र विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना में पशुपालकों को अब तक 1,265 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर पांच रुपये अनुदान मिलने के परिणामस्वरूप राजस्थान आज दुग्ध उत्पादन में देश भर में प्रथम स्थान पर है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में जहां पशु चिकित्सा संस्थाएं नहीं थीं, वहां 1789 ग्राम पंचायतों में नए पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोले गए हैं। जोबनेर (जयपुर) में पशुपालन विश्वविद्यालय की स्थापना करने और राज्य में नौ नए राजकीय पशु चिकित्सा यूड पशु विज्ञान महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गौवंश में लम्पी रोग से रक्षा के ठोस प्रयास किए गए। लम्पी रोग से जिन पशुपालकों के दुधारू गोवंश की मृत्यु हुई, हमने उनके दर्द को समझा और 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देना सुनिश्चित किया। ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सभी पशुपालकों के दुधारू पशुओं का निःशुल्क बीमा करने का फैसला किया। प्रदेश के पशुपालकों के पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक को 40,000 रुपये तक मुआवजा राशि मिल सकेगी, जिससे वे नया पशु खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि महंगाई राहत शिविरों में पशुपालकों ने अपने पशुओं का बीमा कराने में अत्यधिक रुचि दिखाई और लगभग 1.10 करोड़ पशुपालकों ने अपना पंजीकरण कराया।  


वहीं, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गौवंश के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि गौवंश के लिए राज्य सरकार ने प्रतिबद्धता से निर्णय लिए हैं और आगे भी इसी तरह कार्य किया जाएगा। गो सेवा आयोग अध्यक्ष मेवाराम जैन ने महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। समारोह में गोधाम पथमेड़ा के पूज्य श्रीदत्तशरणानन्द जी महाराज, राज्य स्तरीय बीसूका समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्रभान, राजस्थान गोसेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गिरीजी महाराज, महासचिव रघुनाथ सिंह राजपुरोहित, पांच सौ से अधिक साधु संत, हजारों की संख्या में गौशाला संचालक, प्रबंधक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed