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Rajasthan News: रसूलपुर बना रामपुर...यूपी-उत्तराखंड और एमपी के बाद अब राजस्थान में भी गांव का नाम बदला; जानें
Thu, 03 Apr 2025 08:27 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 03 Apr 2025 08:27 AM IST
सार
Rajasthan News: राजस्थान के कोटा जिले का रसूलपुर गांव अब रामपुर हो गया है। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। कोटा की लाड़पुरा विधायक कल्पना राजे ने इस गांव का नाम बदलने की मांग की थी।
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सीएम भजनलाल शर्मा
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
बीजेपी शासित राज्यों में शहरों और गांवों का नाम बदले जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। यूपी, एमपी और उत्तराखंड के बाद अब राजस्थान भी इसी कतार में आ गया है। राजस्थान को कोटा के राजस्व गांव रसूलपुर का नाम बदलकर अब रामपुर कर दिया गया है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।
कोटा के लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र स्थित इस तहसील गांव का नाम बदलने जाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। स्थानीय बीजेपी विधायक कल्पना राजे ने इसका नाम बदले जाने की मांग को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा को चिट्ठी भी लिखी थी। इस पत्र के आधार पर राज्य सरकार ने करीब 3 महीने पहले गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। स्थानीय लोगों नाम बदले जाने पर आभार जताया है। दावा किया जाता है कि यहां कई ऐतिहासित हिंदू प्रतीक हैं, जिनमें 1300 साल पुराना चंद्रसेल मठ भी शामिल है। इसके अलावा बोलचाल की भाषा में इस गांव का नाम खेडारामपुर ही बोला जाता रहा है। कोटा सांसद व लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी गांव का नाम बदलने को लेकर प्रयास किए।
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जयपुर में भी नेम प्लेट पॉलिटिक्स शुरू
बीजेपी विधायकों में नेम प्लेट पॉलिटिक्स की होड़ा-होड़ी मच रही है। जयपुर में भी कई जगहों के नाम बदले जाने की मांग चल रही है। साल 2024 में विधानसभा सत्र के दौरान जयपुर में कई इलाकों के नाम मुस्लिम से हिंदू पहचान वाले किए जाने की मांग जोरों से उठाई गई थी। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने मिर्जा इस्माइल रोड का नाम बदलकर गोविंद देव मार्ग करने, अलबर्ट हॉल को सवाई राम सिंह संग्राहलय, किंग एडवर्ड मेमोरियल को गिरधारीलाल भार्गव भवन किए जाने की मांग रखी थी। यही नहीं उन्होंने अपने विधानसभा में हसनपुरा का नाम भी बदलकर हरीपुरा करवा दिया। यही नहीं यहां मुस्लिम बाहुल्य भट्टा बस्ती का नाम बदलकर संत करीब नगर किए जाने की मांग भी की जा रही है।
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कोटा के लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र स्थित इस तहसील गांव का नाम बदलने जाने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। स्थानीय बीजेपी विधायक कल्पना राजे ने इसका नाम बदले जाने की मांग को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा को चिट्ठी भी लिखी थी। इस पत्र के आधार पर राज्य सरकार ने करीब 3 महीने पहले गांव का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। स्थानीय लोगों नाम बदले जाने पर आभार जताया है। दावा किया जाता है कि यहां कई ऐतिहासित हिंदू प्रतीक हैं, जिनमें 1300 साल पुराना चंद्रसेल मठ भी शामिल है। इसके अलावा बोलचाल की भाषा में इस गांव का नाम खेडारामपुर ही बोला जाता रहा है। कोटा सांसद व लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी गांव का नाम बदलने को लेकर प्रयास किए।
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जयपुर में भी नेम प्लेट पॉलिटिक्स शुरू
बीजेपी विधायकों में नेम प्लेट पॉलिटिक्स की होड़ा-होड़ी मच रही है। जयपुर में भी कई जगहों के नाम बदले जाने की मांग चल रही है। साल 2024 में विधानसभा सत्र के दौरान जयपुर में कई इलाकों के नाम मुस्लिम से हिंदू पहचान वाले किए जाने की मांग जोरों से उठाई गई थी। सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने मिर्जा इस्माइल रोड का नाम बदलकर गोविंद देव मार्ग करने, अलबर्ट हॉल को सवाई राम सिंह संग्राहलय, किंग एडवर्ड मेमोरियल को गिरधारीलाल भार्गव भवन किए जाने की मांग रखी थी। यही नहीं उन्होंने अपने विधानसभा में हसनपुरा का नाम भी बदलकर हरीपुरा करवा दिया। यही नहीं यहां मुस्लिम बाहुल्य भट्टा बस्ती का नाम बदलकर संत करीब नगर किए जाने की मांग भी की जा रही है।