Yamuna Water Project: 30 साल पुराने यमुना जल समझौते पर आज दिल्ली में एमओयू; शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी
करीब 30 साल पुराने यमुना जल समझौते को आज नई दिल्ली में एमओए के जरिए अंतिम रूप मिलेगा। इससे शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनूं को पेयजल व सिंचाई के लिए यमुना का पानी मिलेगा।
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करीब 30 वर्षों से लंबित यमुना जल परियोजना आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचने जा रही है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच 17 फरवरी 2024 को हुए त्रिपक्षीय एमओयू के बाद अब परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन को लेकर मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
दिल्ली रवाना होंगे सीएम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज सोमवार सुबह 8:30 बजे जयपुर से दिल्ली रवाना होंगे। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-3 में सुबह 11:30 बजे आयोजित कार्यक्रम में यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन संबंधी एमओए पर हस्ताक्षर होंगे। पिछले सप्ताह दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एमओए के मसौदे पर सहमति बनी थी, जिसके बाद अब समझौते को औपचारिक रूप दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय गृह सचिव सहित केंद्र और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
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यमुना जल परियोजना के तहत राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों तक भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से यमुना का पानी पहुंचाया जाएगा। इससे क्षेत्र को पेयजल संकट से राहत मिलने के साथ-साथ कृषि कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य सरकार इसे शेखावाटी के लिए ऐतिहासिक परियोजना मान रही है। लंबे समय से जल संकट झेल रहे इस क्षेत्र के लिए एमओए पर हस्ताक्षर परियोजना के वास्तविक क्रियान्वयन की दिशा में सबसे अहम कदम माना जा रहा है।