{"_id":"6ab541939e3bee57890b2763","slug":"jaipur-si-arrested-taking-10-000-bribe-for-relief-in-arms-act-case-and-return-of-seized-items-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयपुर: आर्म्स एक्ट मामले में राहत और जब्त सामान लौटाने के बदले मांगी रिश्वत, 10 हजार की घूस लेते एसआई गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयपुर: आर्म्स एक्ट मामले में राहत और जब्त सामान लौटाने के बदले मांगी रिश्वत, 10 हजार की घूस लेते एसआई गिरफ्तार
Thu, 24 Sep 2026 08:58 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 24 Sep 2026 08:58 PM IST
सार
आर्म्स एक्ट के मामले में राहत देने और जब्त मोबाइल-पर्स लौटाने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में एसीबी ने नाहरगढ़ थाने के एसआई को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एसआई ने फरियादी से 25 हजार रुपये की मांग की थी।
विज्ञापन
आरोपी सब इंस्पेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने नाहरगढ़ थाने में तैनात उपनिरीक्षक गिरधारीलाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आज दोपहर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिसकर्मी ने परिवादी के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मुकदमे में राहत देने और उसका जब्त सामान लौटाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। परिवादी की शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने यह कार्रवाई की।
विज्ञापन
दरअसल परिवादी के खिलाफ नाहरगढ़ पुलिस थाने में आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने परिवादी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद परिवादी अपने जब्त दो मोबाइल और पर्स वापस लेने के लिए थाने पहुंचा। आरोप है कि उपनिरीक्षक गिरधारीलाल ने मुकदमे में मदद करने और सामान छोड़ने के बदले परिवादी से कुल 25 हजार रुपये की मांग रखी। परिवादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: जयपुर: नकली खाद फैक्टरी का भंडाफोड़, नामी ब्रांड के एक हजार से ज्यादा कट्टे जब्त, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
विज्ञापन
एसीबी के निरीक्षक रघुवीर शरण शर्मा ने बताया कि परिवादी की शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान उपनिरीक्षक द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। आरोपी पुलिसकर्मी पहले ही पांच हजार रुपये ले चुका था। इसके बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को परिवादी जैसे ही शेष राशि में से 10 हजार रुपये देने पहुंचा, एसीबी ने उपनिरीक्षक गिरधारीलाल को रंगे हाथ पकड़ लिया। एसीबी की टीम आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।