जयपुर सीरियल ब्लास्ट केस: 11 साल बाद चारों गुनहगारों को मौत की सजा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Updated Fri, 20 Dec 2019 04:45 PM IST
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जयपुर बम धमाके (फाइल फोटो)
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11 साल पहले जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाके मामले में राजस्थान की एक विशेष अदालत ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। जयपुर में विशेष अदालत के जज अजय कुमार शर्मा ने शुक्रवार को चारों गुनहगारों सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान को मौत की सजा के साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। बीते बुधवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चार आरोपियों को हत्या, राजद्रोह और विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था, जबकि यूपी के लखनऊ निवासी एक आरोपी शाहबाज हुसैन को बरी कर दिया गया था। 
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जब सजा का एलान किया जा रहा था, उस वक्त कोर्ट की सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई। सरकारी वकील श्रीचंद ने बताया, कोर्ट ने चारों गुनहगारों को कई जगहों पर बम लगाने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) के तहत मौत की सजा सुनाई। बम धमाके के इस मामले में कुल 13 लोग आरोपी बनाए गए थे, लेकिन जयपुर जेल में पांच ही आरोपी थे। इनके अलावा दो आरोपी मोहम्मद आतिफ अमीन उर्फ बशीर और छोटा साजिद सितंबर, 2008 में दिल्ली में हुई बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए थे। आरिज खान उर्फ जुनैद दिल्ली पुलिस और दो आरोपी हैदराबाद पुलिस की गिरफ्त में हैं। वहीं, मिर्जा शादाब बेग उर्फ मलिक, साजिद बड़ा और मोहम्मद खालिद फरार हैं। सैफ यूपी के आजमगढ़ के संजरपुर गांव का है।

2008 को हुए धमाकों में हुई थी 71 की मौत

13 मई 2008 की शाम पुराने जयपुर के परकोटा इलाके में 15 मिनट के अंतराल में चांदपोल गेट, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट पर एक के बाद एक 8 धमाके हुए थे। इनमें 71 लोगों की मौत हो गई, जबकि 185 लोग घायल हुए थे। इस मामले में आठ केस दर्ज किए गए थे। अभियोजन की ओर से मामले में 1,293 गवाहों के बयान कराए थे।

इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी जिम्मेदारी

बरी किए गए आरोपी लखनऊ निवासी शहबाज पर ई-मेल भेजकर धमाकों की जिम्मेदारी लेने का आरोप था। ई-मेल में उस वक्त आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने हमलों की जिम्मेदारी ली थी। हुसैन को अगस्त, 2008 में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। अगस्त, 2008 से न्यायिक हिरासत में रहे हुसैन पर ई-मेल भेजने के अलावा और कोई आरोप नहीं था। 
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