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जयपुर: कारोबारी से एक करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप, चुनावी हार का बदला लेने की साजिश का खुलासा
Mon, 28 Sep 2026 03:31 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 28 Sep 2026 03:31 PM IST
सार
जयपुर में नगर निगम चुनाव की हार से नाराज होकर एक कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। धमकी एक पटवारी के मोबाइल नंबर से दी गई थी। पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि फार्म हाउस पर शराब पार्टी के दौरान चुनावी हार को लेकर कारोबारी को जिम्मेदार ठहराते हुए धमकी देने की योजना बनाई गई थी।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जयपुर नगर निगम चुनाव में हार का बदला लेने के लिए एक कारोबारी को जान से मारने की धमकी देकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह धमकी भरा व्हॉट्सएप कॉल एक पटवारी के मोबाइल नंबर से आया था, जिसके बाद पीड़ित कारोबारी ने पुलिस की शरण ली।
बस्सी निवासी पीड़ित कारोबारी का कार्यालय जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित गोकुल वाटिका में स्थित है। घटना के दिन 18 सितंबर को दोपहर लगभग 1:30 बजे कारोबारी अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। उसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर एक व्हॉट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले अज्ञात आरोपी ने कारोबारी को सीधे तौर पर धमकी देते हुए 1 करोड़ रुपये की मांग रखी। आरोपी ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर बताई गई जगह पर मांगी गई रकम नहीं पहुंचाई गई, तो वह कारोबारी को जान से मार देगा।
चार दिन की जिंदगी जी ले…पांचवां दिन नहीं देख पाएगा
फोन करने वाले आरोपी ने कारोबारी को डराते हुए कहा कि वह चार दिन की जिंदगी जी ले, क्योंकि वह पांचवां दिन नहीं देख पाएगा। आरोपी ने साफ कहा कि वह कारोबारी की हत्या कर देगा, जिससे उनके बच्चे अनाथ हो जाएंगे। इस अचानक आई धमकी भरी कॉल से कारोबारी बेहद डर गए। पीड़ित ने जब ट्रूकॉलर पर मोबाइल नंबर की जांच की, तो वह नंबर पटवारी रवींद्र कुमार महावर के नाम पर पंजीकृत दिखा। रवींद्र कुमार महावर पूर्व में दांतली-सिरोली क्षेत्र में पटवारी के पद पर तैनात रह चुके थे, इसलिए पीड़ित कारोबारी उन्हें पहले से पहचानते थे।
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कारोबारी ने तुरंत पटवारी से फोन पर संपर्क कर इस बारे में पूछा। उस समय पटवारी ने बताया कि उसने चार दिन पहले अपना सिम कार्ड हरियाणा निवासी एक दोस्त को दिया था। पटवारी ने अपने दोस्त से बात करने का आश्वासन दिया और बाद में कारोबारी से कहा कि अब आगे से कोई फोन नहीं आएगा। इसके बावजूद कारोबारी के मन में डर बना रहा। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाकर शनिवार सुबह जवाहर सर्किल थाने पहुंचकर पटवारी रवींद्र कुमार महावर और उनके दोस्तों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज करवा दी।
चुनावी रंजिश और साजिश का पर्दाफाश
पुलिस पूछताछ में आरोपी पटवारी ने पूरी घटना की सच्चाई उजागर की। आरोपी ने बताया कि 17 सितंबर को वह अपने दोस्तों कपिल शर्मा, मुनिराज मीणा और रामलाल मीणा के साथ पार्टी करने विराटनगर स्थित एक फार्म हाउस पर गया था। वहां रात को पहुंचने के कारण उन्होंने पार्टी नहीं की, लेकिन अगले दिन 18 सितंबर की सुबह स्नान करने के बाद शराब पार्टी शुरू की गई।
शराब पार्टी के दौरान नगर निगम के वार्ड 61 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रामलाल मीणा ने कहा कि वह इस बार चुनाव हार गए हैं। इस पर साथी कपिल शर्मा ने कहा कि हार का मुख्य कारण वही कारोबारी है और उसने हराने के लिए पूरे वार्ड में पैसे बांटे थे। इसके बाद कपिल शर्मा ने पटवारी रवींद्र का फोन लिया और कारोबारी को व्हॉट्सएप कॉल करके रंगदारी मांगी और धमकी दी। कारोबारी के कॉल काटने के बाद जब वापस फोन आया, तो मुनिराज ने उठाया और खुद को हरियाणा का संदीप चौधरी बताकर जान से मारने की धमकी दी।
प्राथमिकी दर्ज, बयान लिए
जवाहर सर्किल थाने के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक किशन लाल ने बताया कि पीड़ित कारोबारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले से जुड़ी हर कड़ी की तफ्तीश कर रही है। सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्राथमिक पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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बस्सी निवासी पीड़ित कारोबारी का कार्यालय जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित गोकुल वाटिका में स्थित है। घटना के दिन 18 सितंबर को दोपहर लगभग 1:30 बजे कारोबारी अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। उसी दौरान उनके मोबाइल फोन पर एक व्हॉट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले अज्ञात आरोपी ने कारोबारी को सीधे तौर पर धमकी देते हुए 1 करोड़ रुपये की मांग रखी। आरोपी ने चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर बताई गई जगह पर मांगी गई रकम नहीं पहुंचाई गई, तो वह कारोबारी को जान से मार देगा।
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चार दिन की जिंदगी जी ले…पांचवां दिन नहीं देख पाएगा
फोन करने वाले आरोपी ने कारोबारी को डराते हुए कहा कि वह चार दिन की जिंदगी जी ले, क्योंकि वह पांचवां दिन नहीं देख पाएगा। आरोपी ने साफ कहा कि वह कारोबारी की हत्या कर देगा, जिससे उनके बच्चे अनाथ हो जाएंगे। इस अचानक आई धमकी भरी कॉल से कारोबारी बेहद डर गए। पीड़ित ने जब ट्रूकॉलर पर मोबाइल नंबर की जांच की, तो वह नंबर पटवारी रवींद्र कुमार महावर के नाम पर पंजीकृत दिखा। रवींद्र कुमार महावर पूर्व में दांतली-सिरोली क्षेत्र में पटवारी के पद पर तैनात रह चुके थे, इसलिए पीड़ित कारोबारी उन्हें पहले से पहचानते थे।
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कारोबारी ने तुरंत पटवारी से फोन पर संपर्क कर इस बारे में पूछा। उस समय पटवारी ने बताया कि उसने चार दिन पहले अपना सिम कार्ड हरियाणा निवासी एक दोस्त को दिया था। पटवारी ने अपने दोस्त से बात करने का आश्वासन दिया और बाद में कारोबारी से कहा कि अब आगे से कोई फोन नहीं आएगा। इसके बावजूद कारोबारी के मन में डर बना रहा। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाकर शनिवार सुबह जवाहर सर्किल थाने पहुंचकर पटवारी रवींद्र कुमार महावर और उनके दोस्तों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज करवा दी।
चुनावी रंजिश और साजिश का पर्दाफाश
पुलिस पूछताछ में आरोपी पटवारी ने पूरी घटना की सच्चाई उजागर की। आरोपी ने बताया कि 17 सितंबर को वह अपने दोस्तों कपिल शर्मा, मुनिराज मीणा और रामलाल मीणा के साथ पार्टी करने विराटनगर स्थित एक फार्म हाउस पर गया था। वहां रात को पहुंचने के कारण उन्होंने पार्टी नहीं की, लेकिन अगले दिन 18 सितंबर की सुबह स्नान करने के बाद शराब पार्टी शुरू की गई।
शराब पार्टी के दौरान नगर निगम के वार्ड 61 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रामलाल मीणा ने कहा कि वह इस बार चुनाव हार गए हैं। इस पर साथी कपिल शर्मा ने कहा कि हार का मुख्य कारण वही कारोबारी है और उसने हराने के लिए पूरे वार्ड में पैसे बांटे थे। इसके बाद कपिल शर्मा ने पटवारी रवींद्र का फोन लिया और कारोबारी को व्हॉट्सएप कॉल करके रंगदारी मांगी और धमकी दी। कारोबारी के कॉल काटने के बाद जब वापस फोन आया, तो मुनिराज ने उठाया और खुद को हरियाणा का संदीप चौधरी बताकर जान से मारने की धमकी दी।
प्राथमिकी दर्ज, बयान लिए
जवाहर सर्किल थाने के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक किशन लाल ने बताया कि पीड़ित कारोबारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले से जुड़ी हर कड़ी की तफ्तीश कर रही है। सभी आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्राथमिक पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।