{"_id":"5d1ed5298ebc3e3c8e6ac541","slug":"internet-curbs-extended-in-jaipur-after-7-year-old-sexual-exploitation-triggered-communal-violence","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयपुर में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद तनाव, इंटरनेट सेवा ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयपुर में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद तनाव, इंटरनेट सेवा ठप
Fri, 05 Jul 2019 10:12 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 05 Jul 2019 10:12 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयपुर में सात साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना से सामुदायिक तनाव पैदा हो गया है। यह घटना तीन दिन पहले घटी थी। कांग्रेस सरकार ने गुरुवार को जयपुर के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा पर लगी रोक 24 घंटे के लिए बढ़ा दी है। जिससे कि परिस्थिति पर नियंत्रण पाया जा सके। पुलिस ने दुष्कर्म मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
विज्ञापन
जयपुर पुलिस अधीक्षक आनंद श्रीवास्तव ने कहा, 'हमने अभी उनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है क्योंकि हमारी जांच जारी है।' पुलिस के अनुसार बच्ची को सोमवार रात साढ़े सात बजे घर के पास से अज्ञात युवक ने मोटरसाइकिल से अगवा किया। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे दो घंटे बाद घर छोड़ दिया।
विज्ञापन
घटना के कुछ घंटों बाद इसने सांप्रदायिक रूप ले लिया और भीड़ ने आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कई घरों को निशाना बनाया और 60 से ज्यादा वाहनों को नुकसान पहुंचाया। भीड़ ने पत्थर फेंके और पुलिस के साथ झड़प भी की। मंगलवार की सुबह भाजपा के जयपुर प्रमुख मोहन लाल गुप्ता के साथ जिन लोगों के घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था उन्होंने पुलिस स्टेशन का घेराव किया और आक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
इसी बीच पुलिस ने गुंडागर्दी करने वाले 16 लोगों को गिरफ्तार किया। उन्हें गुरुवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध आरोपी सीरियल अपराधी है। इसी तरह का एक मामला 22 जून को सामने आया था। तब एक शख्स बाइक पर बच्चे को लेकर गया था। सोमवार की घटना के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि आरोपी मोटरसाइकिल पर बच्ची को ले जाता है। बच्ची उसे पीछे से पकड़े हुए दिखाई देती है लेकिन फुटेज में आरोपी का चेहरा नहीं दिख रहा है।
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहें तनाव को भड़काने का काम कर रही हैं। पीड़िता के पिता ने स्थानीय नागरिकों से फर्जी खबरों को नजरअंदाज करने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'मैं जयपुर के सभी नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि जो अफवाह चल रही हैं कि बच्ची की मौत हो गई। यह गलत है। बच्ची ठीक है। वह चल और बोल रही है। मैं जयपुर के नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें। जहां तक आरोपी की बात है मैं पुलिस से अनुरोध करता हूं कि वह उसे जल्दी से जल्दी गिरफ्तार कर लें और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।'
गुरुवार को जयपुर संभागीय आयुक्त कैलाश चंद वर्मा ने शुक्रवार सुबह 10 बजे तक के लिए 13 पुलिस थानों की सीमा में इंटरनेट सेवाओं पर अंकुश लगा दिया। पुलिस अधीक्षक श्रीवास्ताव ने कहा, 'परिस्थिति अभी भी संवेदनशील है। इसलिए हम एहतियात बरत रहे हैं।' राजस्थान आर्म्ड कॉस्टेबुलेरी के अलवा पुलिस की छह कंपनियों को तनावग्रस्त क्षेत्रों में तैनात किया गया। मंगवलार को बच्ची के पिता को कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये का चेक प्रदान किया।