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यूक्रेन से पाली पहुंचे 47 भारतीयः बोले- सायरन की आवाज सुनते ही कांप उठता था दिल, हर समय लगता था डर
Sun, 06 Mar 2022 07:04 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पाली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 06 Mar 2022 07:04 PM IST
सार
छात्रों का कहना है कि, यूक्रेन में जो दिन बीते हैं उन्हें याद करते ही डर लगता है। कभी सायरन बजता, कभी एयरक्रॉफ्ट तो कभी बम धमाके की आवाज सुनते ही दिल कांप उठता था।
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पाली पहुंचे छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूक्रेन से लौटे 47 भारतीय शनिवार रात राजस्थान के पाली पहुंचे। ये छात्र पहले गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतरे थे। यहां से बस का सफर तय करते हुए ये पाली पहुुंचे। छात्रों का कहना है कि, जंग के बाद यूक्रेन में बिताए दिन जीवन की सबसे कड़वी यादों में से एक हैं। जिसे वे भूलना चाहते हैं।
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छात्रों का कहना है कि, यूक्रेन में जो दिन बीते हैं उन्हें याद करते ही डर लगता हैं। कभी सायरन बजता, कभी एयरक्रॉफ्ट तो कभी बम धमाके की आवाज सुनते ही दिल कांप उठता था। खुशी है कि सकुशल घर पहुंच गए। छात्रों का कहना है कि, वे सभी गुजरात के रहने वाले हैं और पाली में कुछ देर के लिए रुके थे।
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यूनिवर्सिटी को भी नुकसान पहुंचा
गुजरात के कच्छ के रहने वाले 23 वर्षीय प्रियकांत ने बताया कि वे यूक्रेन के खारकीव में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। उनका पांचवा साल था। रूस से उनके शहर का बॉर्डर महज 35 किलोमीटर का था। ऐसे में यहां हालत अन्य शहरों से ज्यादा खराब थे। रूस की फायरिंग रेंज में था। पहले तो रूस ने यूक्रेन के मिलर्टी एरिया, हाइवे, हवाई पट्टी को निशाना बनाया। लेकिन बाद में रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाने लगे। इसमें उनकी यूनिवर्सिटी को भी नुकसान पहुंचा।जिस फ्लैट में रहते थे उसे भी नुकसान पहुंचा।
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मुश्किलों से पहुंचे पोलैंड
एक छात्र ने बताया कि, वे बहुत मुश्किलों में पोलैंड पहुंचे। यहां रहने वाले भारतीयों ने उनके खाने-पीने की व्यवस्था की। इसके बाद फ्लाइट से गाजियाबाद पहुंचे। जहां हमें अपने राज्य की बस मिली। उसमें बैठकर अब गुजरात जा रहे हैं।
घर लौटे छात्र ने पीएम मोदी का जताया आभार
टोंक जिले के टोडारायसिंह निवासी छात्र अजय शर्मा जब यूक्रैन से घर लौटा, तो परिवारजनों ने केंद्र सरकार का जमकर शुक्रिया अदा किया। अजय ने केंद्र सरकार एवं पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। अजय ने बताया कि यूक्रेन में 24 फरवरी को ही संकट खड़ा हो गया था। तथा भारतीय राजदूत ने गाइडलाइन जारी करते हुए सभी भारतीयों से यूक्रेन छोड़ने को कहा गया। ऐसे में वह भी यूक्रेन से अन्य भारतीयों के साथ तिरंगे को ढाल बनाकर पड़ोसी देश की सीमा पर पहुंचे तथा वहां पड़ोसी देश से इंडिगो एयर फ्लाइट से नई दिल्ली निशुल्क आए हैं। छात्र ने सकुशल घर वापसी में भारत सरकार एवं पीएम मोदी का अहम रोल बताते हुए धन्यवाद दिया।