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Kekri: कृषक कल्याण शुल्क के विरोध में चार दिन तक मंडी में रहेगा व्यापार ठप, करोड़ों का कारोबार होगा प्रभावित
Sat, 30 Nov 2024 08:33 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, केकड़ी
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sat, 30 Nov 2024 08:33 AM IST
सार
Kekri: कृषक कल्याण शुल्क के विरोध में राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान के तहत 1 से 4 दिसंबर तक केकड़ी की कृषि उपज मंडी में कृषि जिंसों की खरीद-फरोख्त का कार्य ठप रखा जाएगा। केकड़ी की कृषि उपज मंडी प्रदेश की गिनी चुनी प्रमुख मंडियों में से एक है तथा इस मंडी को विशेष श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। यहां इस हड़ताल से करोड़ों रुपयों का कारोबार प्रभावित होगा।
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चार दिन तक मंडी में रहेगा व्यापार ठप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश के मंडी कारोबारी व खाद्य पदार्थ व्यापारी सरकार द्वारा लागू कृषक कल्याण फीस के विरोध में उतर आये हैं। केकड़ी व्यापारिक एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एवं प्रवक्ता शैलेन्द्र बोरदिया ने बताया कि प्रदेश के व्यापारियों ने राज्य सरकार के समक्ष कृषि जिंसों की खरीद पर वसूला जा रहा कृषक कल्याण शुल्क समाप्त करने की मांग रखी थी, लेकिन सरकार ने उदासीनता बरतते हुए व्यापारियों की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया है। इसके अलावा अन्य राज्यों से आयातित कृषि जिंसों पर भी राज्य सरकार द्वारा टैक्स लिया जा रहा है। इससे व्यापारियों में असंतोष व्याप्त है।
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उन्होनें बताया कि सरकार के रवैये के विरोध में प्रदेश स्तर पर किये गए फैसले के मुताबिक 1 से 4 दिसंबर तक चार दिन प्रदेश की 247 मंडियां बंद रहेगी, जिनके साथ केकड़ी की कृषि उपज मंडी में भी कामकाज ठप रखा जाएगा। इस बंद में दाल, आटा, चावल, तेल मिल व मसाला उद्योग आदि भी शामिल रहेंगे। प्रदेश में मंडिया बंद रखने का निर्णय शुक्रवार को जयपुर में आयोजित राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की आम सभा में लिया गया। इस आमसभा में केकड़ी व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवप्रसाद तोषनीवाल सहित केकड़ी के प्रमुख व्यवसायी मनीष कटारिया, दिनेश काबरा, प्रेमचंद जैन, दीपक धूपिया, पुनीत जैन, पारस जैन, विनय जैन आदि कई व्यापारी शामिल हुए।
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उल्लेखनीय है कि कृषक कल्याण फीस 1 दिसंबर से एक फीसदी करने, राज्य के बाहर से आने वाले माल पर मण्डी सेस की वसूली, नई मिलों की तर्ज पर पुरानी मिलों में रिप्स छूट नहीं देने का कारोबारी विरोध कर रहे है। मंडी कारोबारियों ने राज्य सरकार की ओर से लगाई गई कृषक कल्याण फीस के विरोध में अब प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंडी कारोबारियों की प्रतिनिधि संस्था राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने इस फीस को हटाने का आग्रह किया है।
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संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि चार दिन की हड़ताल के बाद, यदि राज्य सरकार सुनवाई नहीं करती है तो प्रदेश के व्यापारियों द्वारा आगामी रूपरेखा बनाने के लिए 4 दिसंबर को जयपुर में आम सभा का आयोजन कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। उन्होनें बताया कि संघ की सरकार से चार प्रमुख मांगे हैं। इनमें कृषक कल्याण फीस को समाप्त करने, मण्डियों के बाहर और भीतर एक कर वसूलने, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के भवन के लिए आवंटित भूखण्ड पर 1 प्रतिशत वार्षिक लीज मनी को समाप्त करने की मांग शामिल हैं।